Menu
#News

सीएम धामी के आदर्श गांव को संवारेगी 21 साल की प्रियंका, बनी सबसे कम उम्र की प्रधान

चमोली:कर्णप्रयाग गैरसैंण विकासखंड के मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट में एक नया इतिहास रचा गया है। महज 21 वर्ष 3 माह की प्रियंका नेगी ने प्रधान पद के लिए हुए चुनाव में जीत हासिल करके उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की प्रधान बनने का गौरव हासिल किया है। गैरसैंण महाविद्यालय से …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 31 जुल, 2025
सीएम धामी के आदर्श गांव को संवारेगी 21 साल की प्रियंका, बनी सबसे कम उम्र की प्रधान

चमोली:कर्णप्रयाग गैरसैंण विकासखंड के मुख्यमंत्री आदर्श गांव सारकोट में एक नया इतिहास रचा गया है। महज 21 वर्ष 3 माह की प्रियंका नेगी ने प्रधान पद के लिए हुए चुनाव में जीत हासिल करके उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की प्रधान बनने का गौरव हासिल किया है। गैरसैंण महाविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक प्रियंका नेगी ने अपनी प्रतिद्वंदी प्रियंका देवी को 421 मतों से परास्त किया, जबकि उनकी प्रतिद्वंदी को 235 मत प्राप्त हुए। दिलचस्प बात यह है कि इससे पूर्व 2014-19 तक प्रियंका के पिता भी इसी गांव के प्रधान रह चुके हैं, जो पारिवारिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का एक अनूठा उदाहरण है।

चमोली जनपद के सबसे बड़े गांवों में से एक सारकोट गांव में वर्तमान में 300 से अधिक परिवार निवास करते हैं। इस गांव की विशेषता यह है कि यहां पलायन की समस्या नहीं है, जिसके कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भरारीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान सारकोट को आदर्श गांव घोषित किया था। तब से सीएम धामी इस गांव के विकास को लेकर गंभीर हैं और उनके निर्देश पर गांव में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। गांव में प्रत्येक घर को एक समान रंग से रंगा जा रहा है, मशरूम उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, और पशुपालन तथा कृषि संबंधी अनेक विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। साथ ही अधिकारियों द्वारा समय-समय पर गांव में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है। अब युवा प्रियंका नेगी के नेतृत्व में इस आदर्श गांव के और भी तेजी से विकास की उम्मीद जगी है, जो न केवल स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा बल्कि पूरे उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।

Tagged:
Share This Article