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हरिद्वार में महिला सशक्तिकरण को लेकर भव्य कार्यक्रम, 50,000 “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य

हरिद्वार के ऋषिकुल ऑडिटोरियम में आज अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर “सहकारिता से महिला सशक्तिकरण” विषय पर आधारित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर नगर …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 06 अप्र, 2025
हरिद्वार में महिला सशक्तिकरण को लेकर भव्य कार्यक्रम, 50,000 “लखपति दीदी” तैयार करने का लक्ष्य

हरिद्वार के ऋषिकुल ऑडिटोरियम में आज अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर “सहकारिता से महिला सशक्तिकरण” विषय पर आधारित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर नगर निगम हरिद्वार की महापौर श्रीमती किरन जैसल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अशुतोष शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष श्री संदीप गोयल भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की सचिव व महाप्रबंधक वंदना लखेडा, तथा बैंक और विभाग से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।

कार्यक्रम में सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला सहकारी बैंक में कार्यरत 20 महिला कर्मचारियों के साथ-साथ जिले की अन्य सहकारी समितियों में कार्यरत महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।

मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती गरिमा मिश्रा सहित सहकारिता विभाग में कार्यरत महिलाओं को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

इस मौके पर जिला सहकारी बैंक के माध्यम से 6 स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक के ऋण के चेक वितरित किए गए। साथ ही, मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महिला कृषकों को भी ऋण सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम में मंत्री डॉ. रावत ने घोषणा की कि हरिद्वार जिले में 50,000 महिलाओं को “लखपति दीदी” के रूप में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों को लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही, जिले की सभी 308 ग्राम पंचायतों में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के गठन की भी घोषणा की गई। इन समितियों के जरिए पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, जन औषधि केंद्र, और जन सुविधा केंद्र जैसी योजनाओं का लाभ सीधे गांव स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सहकारिता विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मिसाल बनकर सामने आया है।

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