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देहरादून के शहर काजी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, चंदरनगर कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक

देहरादून: शहर के प्रमुख धार्मिक नेता और देहरादून के शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी का निधन होने के बाद रविवार को उनकी अंतिम यात्रा में अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लोगों का तांता उनके आवास पर लगा रहा और दोपहर तक हजारों की संख्या में लोग उनकी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 23 नव, 2025
देहरादून के शहर काजी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, चंदरनगर कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक

देहरादून: शहर के प्रमुख धार्मिक नेता और देहरादून के शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी का निधन होने के बाद रविवार को उनकी अंतिम यात्रा में अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही लोगों का तांता उनके आवास पर लगा रहा और दोपहर तक हजारों की संख्या में लोग उनकी अंतिम झलक पाने पहुंचते रहे।

परिजनों और करीबी लोगों ने बताया कि मौलाना कासमी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। निधन की सूचना मिलते ही देहरादून के विभिन्न इलाकों से तमाम समुदायों के लोग उनके घर पर पहुंचने लगे। अंतिम यात्रा में युवाओं, बुजुर्गों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों की भारी भीड़ देखी गई।

अंतिम यात्रा उनके आवास से शुरू हुई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए चंदरनगर कब्रिस्तान पहुंची। यात्रा के दौरान सड़कें पूरी तरह लोगों से भर गईं और प्रशासन को यातायात व्यवस्था बनाए रखने में विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी। कब्रिस्तान में नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की गई, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।

मौलाना कासमी समाज के बीच सौहार्द, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के कार्यों के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। वे जमीअत उलमा-ए-हिन्द उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष भी थे और लंबे समय तक धार्मिक तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। शहर के धार्मिक विद्वानों ने उनके निधन को समुदाय के लिए बड़ी क्षति बताया है।

विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मौलाना कासमी की सेवाएं और विचार आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।

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