देहरादून: जिला प्रशासन देहरादून की कार्यप्रणाली में आए बदलाव का एक शानदार उदाहरण सोमवार को देखने को मिला, जब जनता दर्शन के दौरान प्राप्त अतिक्रमण की शिकायत पर मात्र 2 घंटे में कार्यवाही पूरी कर दी गई। यह घटना जिलाधिकारी सविन बसंल के नेतृत्व में चल रहे त्वरित समाधान की नीति का जीवंत प्रमाण है।

दोपहर 12 बजे शिकायत, दोपहर 2 बजे एक्शन
सोमवार को जिलाधिकारी के समक्ष आयोजित जनता दर्शन में कुल्हाल निवासियों ने शिकायत की कि एनएचएआई द्वारा बल्लपुर-पोंटा हाइवे निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि पर किसी व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। यह शिकायत दोपहर 12 बजे प्राप्त हुई थी।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि शक्ति नहर के किनारे स्थित सिंचाई विभाग की कॉलोनी से पहले प्रशासन द्वारा कब्जा हटा दिया गया था, लेकिन अब एनएचएआई की अधिग्रहित सड़क के किनारे की भूमि पर फिर से अतिक्रमण हो रहा है। जिलाधिकारी ने तुरंत तहसीलदार विकासनगर को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की टीम ने मात्र 2 घंटे के भीतर ही, यानी दोपहर 2 बजे तक, अतिक्रमण पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पूरी कर दी। जनता दर्शन चलते-चलते ही अधिकारियों को कार्यवाही की फोटो और वीडियो प्राप्त हो गई, जिससे शिकायतकर्ताओं को तत्काल राहत मिली।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने इस अवसर पर स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और कब्जे की शिकायतों पर त्वरित जांच करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए सरकारी भूमि को अवैध कब्जों और अतिक्रमण से मुक्त कराएं।

प्रशासन की नई कार्यशैली
यह घटना जिला प्रशासन देहरादून की बदली हुई कार्यप्रणाली को दर्शाती है, जिसमें न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर प्रवर्तन तक हर क्षेत्र में त्वरित कार्यवाही और समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। इस नई कार्यशैली से जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ रहा है और समस्याओं का तत्काल निस्तारण हो रहा है।
तहसील विकासनगर की टीम द्वारा की गई यह कार्यवाही दिखाती है कि जिला प्रशासन अब शिकायत प्राप्त होते ही तुरंत एक्शन लेने की नीति पर अमल कर रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति की रक्षा और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान दोनों सुनिश्चित हो रहा है।