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14 साल बाद देहरादून में जनगणना की तैयारी तेज, नगर निगम में ‘वास्तविक आबादी’ का आंकड़ा सामने आएगा

देहरादून: देहरादून नगर निगम क्षेत्र में 14 साल बाद जनगणना की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन ने सभी 100 वार्डों में जनगणना की योजना तैयार कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक वार्ड में औसतन 16 ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें घर-घर जाकर डेटा …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 अक्ट, 2025
14 साल बाद देहरादून में जनगणना की तैयारी तेज, नगर निगम में ‘वास्तविक आबादी’ का आंकड़ा सामने आएगा

देहरादून: देहरादून नगर निगम क्षेत्र में 14 साल बाद जनगणना की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन ने सभी 100 वार्डों में जनगणना की योजना तैयार कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक वार्ड में औसतन 16 ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया जाएगा।

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार जनगणना का फील्ड कार्य 1 जनवरी 2026 से शुरू होने की संभावना है। पिछले दशक में शहर का जनसंख्या ढांचा काफी बदल चुका है, इसलिए इस जनगणना से देहरादून की वास्तविक आबादी की सटीक तस्वीर सामने आएगी।

डिजिटल प्रणाली से होगा डेटा संग्रह

इस बार नगर निगम डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल करेगा, जिससे आंकड़े सीधे कंप्यूटर में दर्ज होंगे और उन्हें वास्तविक समय में मॉनीटर किया जा सकेगा। इससे पारंपरिक कागज़-आधारित त्रुटियों से बचा जा सकेगा और आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी।

वार्डों की संख्या में वृद्धि

2011 में नगर निगम क्षेत्र में 60 वार्ड थे, अब शहरी विस्तार और बढ़ती आबादी के कारण वार्डों की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि नई जनगणना से वार्डों के पुनर्वितरण, संसाधनों के सही आवंटन और शहरी योजनाओं को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

जनगणना का महत्व

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह जनगणना केवल नागरिकों की संख्या तय करने के लिए नहीं है। इसके वास्तविक डेटा का इस्तेमाल शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, नागरिक सुविधाओं और आपदा प्रबंधन के लिए किया जाएगा।

नगर निगम ने जनता से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों के साथ सहयोग करें और डेटा संग्रह में सटीक जानकारी प्रदान करें, ताकि देहरादून की “वास्तविक आबादी” की सही तस्वीर सामने आ सके।

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