Menu
#Mumbai

बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं? सीएम समीक्षा बैठक से अरविंद पांडे की गैरहाजिरी से सियासी हलचल तेज.

देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समीक्षा बैठक में गदरपुर विधायक अरविंद पांडे की गैरहाजिरी ने सियासी हलचल तेज कर दी है। सीएम ने की घोषणाओं की समीक्षा, …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 10 अप्र, 2026
बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं? सीएम समीक्षा बैठक से अरविंद पांडे की गैरहाजिरी से सियासी हलचल तेज.

देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समीक्षा बैठक में गदरपुर विधायक अरविंद पांडे की गैरहाजिरी ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

सीएम ने की घोषणाओं की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को नौ विधानसभा क्षेत्रों में की गई घोषणाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अल्पकालिक योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए, जबकि दीर्घकालिक परियोजनाओं को तय समयसीमा के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए कि बहु-विभागीय योजनाओं में बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए और उनकी नियमित समीक्षा की जाए।

बैठक में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी रखीं, जिनमें सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, मिनी स्टेडियम निर्माण, फसलों को जंगली जानवरों से बचाव, बाढ़ सुरक्षा और जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। मुख्यमंत्री ने मानसून को देखते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश भी दिए।

अरविंद पांडे की गैरहाजिरी बनी चर्चा का विषय

हालांकि इस अहम बैठक में गदरपुर विधायक अरविंद पांडे शामिल नहीं हुए, जिससे पार्टी के भीतर नाराजगी की अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि पांडे पिछले कुछ समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी उन्हें मनाने के लिए गदरपुर पहुंचे थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी संगठन और सरकार जनता से किए वादों को पूरा करने पर जोर दे रही है। ऐसे समय में वरिष्ठ विधायक की इस तरह की दूरी पार्टी के भीतर खींचतान के संकेत दे रही है।

फिलहाल पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।

Tagged:
Share This Article