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देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ‘हल्ला बोल’, सीएम आवास कूच के दौरान पुलिस से तीखी झड़प.

देहरादून: अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शनिवार को सड़कों पर उतर आईं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका मिनी कर्मचारी संगठन के बैनर तले हजारों की संख्या में महिलाओं ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री आवास कूच की कोशिश की। हालांकि, भारी पुलिस बल ने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 14 मा, 2026
देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ‘हल्ला बोल’, सीएम आवास कूच के दौरान पुलिस से तीखी झड़प.

देहरादून: अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शनिवार को सड़कों पर उतर आईं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री सेविका मिनी कर्मचारी संगठन के बैनर तले हजारों की संख्या में महिलाओं ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री आवास कूच की कोशिश की। हालांकि, भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।

देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ‘हल्ला बोल’,

परेड मैदान से शुरू हुआ आक्रोश

​हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुबह परेड मैदान में एकत्रित हुईं। यहाँ से संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में रैली निकालते हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जैसे ही प्रदर्शनकारी न्यू कैंट रोड स्थित हाथीबड़कला पहुंचे, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे आक्रोशित महिलाएं वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गईं और घंटों तक प्रदर्शन जारी रहा।

​प्रमुख मांगें: मानदेय वृद्धि और बायोमेट्रिक का विरोध

​संगठन की ओर से सरकार के सामने स्पष्ट मांगें रखी गई हैं, जिनमें आर्थिक सुरक्षा और कार्यप्रणाली में सुधार शामिल है:

​मानदेय में वृद्धि: कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 किया जाए।

​दैनिक मानदेय: राज्य सरकार से ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि करने और केंद्र सरकार को ₹150 प्रतिदिन का प्रस्ताव भेजने की मांग की गई है।

​बायोमेट्रिक का विरोध: कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें बायोमेट्रिक मशीन की हाजिरी व्यवस्था से न जोड़ा जाए।

​काम का बोझ: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कम वेतन के बावजूद उन पर अतिरिक्त कार्यों का भारी बोझ लाद दिया गया है।

​”कम मानदेय में परिवार पालना मुश्किल”

​संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा, “आज महंगाई के इस दौर में इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना असंभव हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही हमारी जायज मांगों की अनदेखी कर रही हैं। जब तक सरकार हमारी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, आंदोलन जारी रहेगा।”

​प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

​काफी देर तक चले हंगामे के बाद, आंदोलनकारी महिलाओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उचित स्तर पर सरकार तक पहुंचाया जाएगा। प्रदर्शन के चलते न्यू कैंट रोड और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।

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