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नदियों और बांधो का जलस्तर बढ़ेते ही तुरंत आएगा आपदा कंट्रोल रूम मे अलर्ट, जानते है पूरी खबर।

राज्य की बड़ी नदियों में जलस्तर बढ़ेगा तो आपदा प्रबंधन विभाग को इसका तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। बांधों की डाउन स्ट्रीम में भी ऑटोमेटिक सेंसर लगेंगे। बड़ी नदियों और बांधों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए बुधवार को राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन विभाग और सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 नव, 2022
नदियों और बांधो का जलस्तर बढ़ेते ही तुरंत आएगा आपदा कंट्रोल रूम मे अलर्ट, जानते है पूरी खबर।

राज्य की बड़ी नदियों में जलस्तर बढ़ेगा तो आपदा प्रबंधन विभाग को इसका तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। बांधों की डाउन स्ट्रीम में भी ऑटोमेटिक सेंसर लगेंगे। बड़ी नदियों और बांधों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए बुधवार को राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन विभाग और सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।

 बता दे कि समझौते के तहत राज्य की बड़ी नदियों में जल स्तर मापने के लिए सेंसर लगाए जाएंगे। ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकार्डर की मदद से एक ही जगह पर रियल टाइम डाटा की जानकारी मिलती है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए विकसित तंत्र राज्य सचिवालय में बने आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल से सीधे जुड़ेगा। यानी नदियों और बांधों में लगाए गए सभी सेंसर से सारा डाटा आपदा कंट्रोल रूम को प्राप्त होता रहेगा।

 तो पहले चरण में सभी नदियों से मैनुअल सेंसर हटाकर उनकी जगह ऑटोमेटिक सेंसर लगाए जाएंगे।

समझौते के तहत राज्य के सभी बांधों की अपस्ट्रीम में ऑटोमेटिक सेंसर लगेंगे और डाउन स्ट्रीम में ऑटोमेटिक सायरन स्थापित होंगे।

नदियों और बांधों के जल स्तर को मापने के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम आपदा प्रबंधन में बहुत मददगार होगा। एक ही जगह डाटा प्राप्त होने से चेतावनी तंत्र प्रभावी हो सकेगा। दो महीने में यह तंत्र तैयार कर लिया जाएगा।

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