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‘गूगल मैप्स’ के जरिये अनजाने में नागालैंड पहुंची असम पुलिस, लोगों ने बनाया बंधक

असम पुलिस को गूगल मैप्स के जरिए एक अपराधी का पीछा करते वक्त बड़ा भ्रम हो गया जिसकी वजह से पुलिस टीम को नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में पहुंचने पर अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। इस घटना में पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों ने अपराधी समझकर हमला कर दिया और …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 10 जन, 2025
‘गूगल मैप्स’ के जरिये अनजाने में नागालैंड पहुंची असम पुलिस, लोगों ने बनाया बंधक

असम पुलिस को गूगल मैप्स के जरिए एक अपराधी का पीछा करते वक्त बड़ा भ्रम हो गया जिसकी वजह से पुलिस टीम को नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में पहुंचने पर अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। इस घटना में पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों ने अपराधी समझकर हमला कर दिया और उन्हें रातभर बंधक बनाए रखा।

गूगल मैप्स की गलती से हुआ बड़ा भ्रम

असम पुलिस की 16-सदस्यीय टीम मंगलवार रात को छापेमारी पर निकली थी। उन्हें एक आरोपी को पकड़ने के लिए ज़ोरहाट जिले के एक चाय बागान क्षेत्र में जाना था जो गूगल मैप्स पर असम में दिखाया गया था। हालांकि रास्ते में गूगल मैप्स और GPS की वजह से वे अनजाने में नागालैंड की सीमा में पहुंच गए। इस दौरान रास्ते में हुए भ्रम के कारण पुलिस को नागालैंड में ही प्रवेश करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का समझना अपराधी

नागालैंड में पुलिसकर्मियों को देखते ही स्थानीय लोग घबराए और उन्हें अत्याधुनिक हथियारों से लैस बदमाश समझ लिया। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे जिसमें सिर्फ तीन सदस्य वर्दी में थे जिससे और ज्यादा भ्रम पैदा हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में एक पुलिसकर्मी घायल भी हो गया।

बंधक बनाने की घटना

स्थानीय लोग पुलिसकर्मियों को बंधक बना कर रात भर उनके साथ रहे। असम पुलिस की टीम को बंधक बनाए जाने की खबर मिलने पर जोरहाट पुलिस ने मोकोकचुंग के पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया और तुरंत वहां एक टीम भेजी। इस बीच स्थानीय लोगों को यह एहसास हुआ कि ये असम पुलिस के असली सदस्य हैं। इसके बाद उन्होंने घायल पुलिसकर्मी और अन्य पांच सदस्यों को छोड़ दिया लेकिन बाकी 11 लोगों को रात भर बंधक बनाए रखा। सुबह के समय उन्हें रिहा किया गया और फिर वे जोरहाट लौट आए।

पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया

असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना था कि यह पूरा मामला GPS और गूगल मैप्स के भ्रम का परिणाम था। अधिकारियों ने कहा कि यदि वे इस भ्रम के कारण नागालैंड में नहीं पहुंचते तो स्थानीय लोगों द्वारा किया गया हमला और बंधक बनाए जाने की स्थिति नहीं बनती।

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