Menu
#Mumbai

पौड़ी में भालू का हमला: जंगल गई महिला पर झपटा, गंभीर हालत में एम्स रेफर.

पौड़ी गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों का खतरा एक बार फिर लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। कभी गुलदार तो कभी भालू—इन हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला लैंसडाउन तहसील के च्वारा गांव से सामने आया है, जहां घास लेने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 08 अप्र, 2026
पौड़ी में भालू का हमला: जंगल गई महिला पर झपटा, गंभीर हालत में एम्स रेफर.

पौड़ी गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों का खतरा एक बार फिर लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। कभी गुलदार तो कभी भालू—इन हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला लैंसडाउन तहसील के च्वारा गांव से सामने आया है, जहां घास लेने जंगल गई एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया।

पौड़ी में भालू का हमला: जंगल गई महिला पर झपटा, गंभीर हालत में एम्स रेफर

बेटी के सामने हुआ खौफनाक हमला

मंगलवार को च्वारा गांव निवासी भुन्द्रा देवी अपनी बेटी के साथ रोज की तरह जंगल में घास लेने गई थीं। पहाड़ की जिंदगी में यह एक सामान्य दिनचर्या है, लेकिन इस बार यह सफर खौफनाक बन गया। अचानक झाड़ियों के बीच से निकले भालू ने महिला पर हमला कर दिया।

मां को बचाने के लिए बेटी ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह महिला को भालू के चंगुल से छुड़ाया। हालांकि तब तक भालू उन्हें बुरी तरह घायल कर चुका था।

ग्रामीणों ने बचाई जान, जंगल में भागा भालू

ग्रामीणों के मौके पर पहुंचते ही भालू जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी गांव पहुंची और हालात का जायजा लिया। लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है।

पहले प्राथमिक उपचार, फिर एम्स रेफर

गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों और ग्राम प्रधान की मदद से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चेलूसैण ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। फिलहाल महिला का इलाज जारी है।

पहाड़ में बढ़ता खतरा, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ में जीवन पहले ही आसान नहीं है। रोजगार की कमी के चलते लोग पलायन को मजबूर हैं, और जो परिवार अब भी गांवों में रहकर खेती-बाड़ी या पशुपालन से जीवन चला रहे हैं, उन्हें अब जंगली जानवरों के हमलों का भी सामना करना पड़ रहा है।

कुछ समय पहले थलीसैंण क्षेत्र में भालू का आतंक देखने को मिला था, जो बाद में शांत हो गया था। लेकिन अब एक बार फिर इस तरह की घटनाएं बढ़ने लगी हैं, जिससे लोग दहशत में हैं।

प्रशासन से सुरक्षा की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जंगलों के पास बसे गांवों में सुरक्षा के इंतजाम मजबूत किए जाएं, गश्त बढ़ाई जाए और जंगली जानवरों को आबादी से दूर रखने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं।

Tagged:
Share This Article