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Big Breaking: चिटहरा भूमि घोटाले में फंसे IAS-IPS अधिकारियों के परिजन

big-breaking-families-of-ias-ips-officers-trapped-in-chithara-land-scam देहरादून: यूपी के चिटहरा भूमि घोटाले में गैंगस्टर यशपाल तोमर के साथ उत्तराखंड के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के परिजनों पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है. यूपी सरकार की इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड में भी हलचल मची हुई है. उम्मीद की जा रही है कि चिटहरा भूमि घोटाले …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 24 मई, 2022

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देहरादून: यूपी के चिटहरा भूमि घोटाले में गैंगस्टर यशपाल तोमर के साथ उत्तराखंड के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के परिजनों पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है. यूपी सरकार की इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड में भी हलचल मची हुई है. उम्मीद की जा रही है कि चिटहरा भूमि घोटाले में उत्तराखंड जिन तीन आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के परिजनों सामने आए हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस मामले में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बयान सामने आया है.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चिटहरा भूमि घोटाले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह प्रदेश से बाहर का मामला है. हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर इतना जरूर कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले में यूपी की पूरी मदद की जाएगी. यानी इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्रवाई की बात कह दी है. कानून अपना काम कर रहा है और जरूरत पड़ी तो इस पर प्रदेश सरकार भी जांच करेगी.

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बता दें कि 22 मई को यूपी के ग्रेटर नोएडा जिले के दादरी थाने में उत्तराखंड के गैंगस्टर यशपाल तोमर और चिटहरा भूमि घोटाले के मुख्य आरोपी यशपाल तोमर समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. जिन 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें उत्तराखंड के सचिव मुख्यमंत्री आईएएस मीनाक्षी सुंदरम के ससुर एम भास्करन, एमडीडीए सचिव आईएएस बृजेश संत के पिता का केएम संत उर्फ खचेरमल और उत्तराखंड के डीआईजी राजीव स्वरूप की माता सरस्वती देवी का भी शामिल है.

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ये तीनों अधिकारी हरिद्वार में डीएम और एसएसपी के पद पर तैनात रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने यशपाल तोमर की मदद की और उसी के बल पर यशपाल तोमर ने उत्तराखंड में करोड़ों रुपए के ज्यादा की अवैध संपत्ति खड़ी कर दी. हालांकि, इन तीनों अधिकारियों ने सीधे संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं लिया है, बल्कि अवैध संपत्ति को बड़ा हिस्सा अपने परिजनों के नाम करवाया है. ताकि किसी को शक न हो सके, लेकिन अब सारा राज बाहर आ गया है.

नोएडा के दादरी थाने के ग्राम चिटहरा एवं प्रबंधन समिति द्वारा जुलाई 1997 को 282 लोगों को कृषि भूमि आवंटन का प्रस्ताव दिया गया था. उस वक्त के जिलाधिकारी द्वारा 20 अगस्त 1997 को स्वीकृति प्रदान की. आरोप है कि मुख्य आरोपी यशपाल तोमर ने कर्मवीर, बेलू तथा कृष्णपाल जो यशपाल के गांव बरवाला के रहने वाले थे. उनके नाम सैकड़ों बीघा जमीन चिटहरा निवासी बनाकर पट्टा कराएगा, जबकि जांच के दौरान पता चला कि यह लोग इतने गरीब है कि पढ़ना लिखना भी नहीं जानते. इतना ही नहीं इन लोगों के नाम से जमीन की पावर अटार्नी अपने परिचित नौकर के पुत्र वीरेंद्र सिंह के नाम करा दिया. साथ ही अधिकारियों से मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया.

ये तीनों अधिकारी हरिद्वार में डीएम और एसएसपी के पद पर तैनात रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने यशपाल तोमर की मदद की और उसी के बल पर यशपाल तोमर ने उत्तराखंड में करोड़ों रुपए के ज्यादा की अवैध संपत्ति खड़ी कर दी. हालांकि, इन तीनों अधिकारियों ने सीधे संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं लिया है, बल्कि अवैध संपत्ति को बड़ा हिस्सा अपने परिजनों के नाम करवाया है. ताकि किसी को शक न हो सके, लेकिन अब सारा राज बाहर आ गया है.

क्या है दादरी चिटहरा जमीन घोटाला? नोएडा के दादरी थाने के ग्राम चिटहरा एवं प्रबंधन समिति द्वारा जुलाई 1997 को 282 लोगों को कृषि भूमि आवंटन का प्रस्ताव दिया गया था. उस वक्त के जिलाधिकारी द्वारा 20 अगस्त 1997 को स्वीकृति प्रदान की. आरोप है कि मुख्य आरोपी यशपाल तोमर ने कर्मवीर, बेलू तथा कृष्णपाल जो यशपाल के गांव बरवाला के रहने वाले थे. उनके नाम सैकड़ों बीघा जमीन चिटहरा निवासी बनाकर पट्टा कराएगा, जबकि जांच के दौरान पता चला कि यह लोग इतने गरीब है कि पढ़ना लिखना भी नहीं जानते. इतना ही नहीं इन लोगों के नाम से जमीन की पावर अटार्नी अपने परिचित नौकर के पुत्र वीरेंद्र सिंह के नाम करा दिया. साथ ही अधिकारियों से मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया.

इन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा-

  • यशपाल तोमर पुत्र महेन्द्र तोमर निवासी दिल्ली.
  • नरेंद्र कुमार पुत्र पितांबर लाल निवासी बागपत यूपी.
  • कर्मवीर पुत्र प्यारे लाल निवासी बागपत यूपी.
  • बैलू पुत्र रामस्वरूप निवासी बागपत यूपी.
  • कृष्णपाल पुत्र छोटे निवासी बागपत यूपी.
  • एम भास्करन पुत्र मनीअईयम पिल्लई निवासी ग्रेटर चेन्नई तमिलनाडु.
  • केएम संत उर्फ खचेरमल पुत्र रवति प्रसाद निवासी अलीगढ़ यूपी.
  • गिरीश वर्मा पुत्र रामप्रताप वर्मा निवासी ग्रेटर नोएडा.
  • सरस्वती देवी पत्नी रामस्वरूप राम निवासी पटना बिहार.
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