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Big Breaking: नई जगह शिफ्ट हुआ RTO आफिस, जनता की बढ़ी मुश्किलें

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कार्यों के लिए अब आवेदक को शहर से करीब 20 किमी दूर आइडीटीआर (इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रेनिंग रिसर्च) झाझरा की सड़क नापनी पड़ेगी। अभी तक सिर्फ यहां स्थायी लाइसेंस का टेस्ट झाझरा में लिया जा रहा था, मगर अब पूरा लाइसेंस सेक्शन झाझरा शिफ्ट करने …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 अप्र, 2022

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कार्यों के लिए अब आवेदक को शहर से करीब 20 किमी दूर आइडीटीआर (इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रेनिंग रिसर्च) झाझरा की सड़क नापनी पड़ेगी।

अभी तक सिर्फ यहां स्थायी लाइसेंस का टेस्ट झाझरा में लिया जा रहा था, मगर अब पूरा लाइसेंस सेक्शन झाझरा शिफ्ट करने के आदेश दे दिए गए हैं। लर्निंग लाइसेंस टेस्ट, डुप्लीकेट लाइसेंस बनाने, लाइसेंस रिन्यूवल या लाइसेंस में पता बदलाव आदि कार्य भी अब झाझरा जाकर कराने होंगे। शुक्रवार को परिवहन सचिव अरविंद हयांकी ने लाइसेंस सेक्शन में 15 मई तक शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

वर्तमान में भी यही व्यवस्था चल रही, लेकिन परिवहन विभाग ने अब यह कार्य भी झाझरा में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहां से आवेदक का लाइसेंस डाक से घर पहुंचेगा।

बता दें कि प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए कोई भी आटोमेडेट टेस्टिंग लेन न होने की वजह से विभाग ने आइडीटीआर से करार किया हुआ है। अब आरटीओ में चल रहे टेस्ट में फर्जीवाड़े की आशंका बनी रहती थी।
जुगाड़बाजी से कईं दफा गैर-अनुभवी लोग भी लाइसेंस हासिल कर लेते थे और इससे हादसों का खतरा रहता था। अब, परिवहन सचिव के आदेश पर पूरा लाइसेंस सेक्शन शिफ्ट किया जा रहा। सचिव ने इसके लिए 15 मई तक सभी व्यवस्था करने के आदेश भी दिए।
लर्निंग डीएल के लिए आवेदन कर चुके जिन आवेदक को 15 मई या फिर इसके बाद के स्लाट मिले हुए हैं, उनकी मुसीबत बढ़ गई है। विभाग की ओर से साफ्टवेयर में बदलाव कर ऐसे आवेदकों को मैसेज के जरिए सूचित कर सीधे झाझरा बुलाने के भी प्रयास किए जाएंगे।

ये होंगी आवेदकों की परेशानी

शहर से करीब 20 किमी की दूरी तय कर पहुंचना होगा झाझरा।
अपना वाहन हुआ तो ठीक, वरना झेलनी होगी दोहरी मुसीबत।
हाइवे से करीब चार किमी अंदर है आइडीटीआर।
हाइवे से आइडीटीआर तक पहुंचने के लिए नहीं है कोई वाहन सुविधा।
दोनों ओर जंगल व सुनसान क्षेत्र से होकर गुजरता है चार किमी का रास्ता।
लाइसेंस टेस्ट से पहले अपना वाहन खुद चलाकर नहीं ले सकेंगे टेस्ट देने।
डीएल बनाने के लिए पूरा दिन करना पड़ेगा खराब।
बारिश या भीषण गर्मी में आवेदकों को होगी परेशानी।
युवतियां व महिलाओं को अकेले जाने में सुरक्षा की रहेगी चिंता।

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