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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी का बड़ा बयान: “UCC में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य”

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप को पंजीकृत करने का प्रावधान किया गया है ताकि देश में आफताब जैसे अपराधों की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 20 फ़र, 2025
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी का बड़ा बयान: “UCC में लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य”

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप को पंजीकृत करने का प्रावधान किया गया है ताकि देश में आफताब जैसे अपराधों की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के खिलाफ है और उसे महिलाओं की सुरक्षा की परवाह नहीं है।

मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में लागू की गई UCC पूरी तरह से भारतीय संविधान के अनुरूप है और इसका उद्देश्य समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा,
“हमने UCC का मसौदा तैयार करते समय कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को अपने सुझाव देने के लिए बुलाया था, लेकिन वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। अब जब इसे लागू कर दिया गया है, तो वे बेवजह विरोध कर रहे हैं।”

लिव-इन रिलेशनशिप पंजीकरण अनिवार्य क्यों?

मुख्यमंत्री ने दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा। इससे अवैध संबंधों और झूठे पहचान छुपाकर बनाए गए रिश्तों पर रोक लगेगी।

विपक्ष का विरोध और सरकार का जवाब

UCC लागू करने पर विपक्षी दलों द्वारा जताई जा रही आपत्तियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा,
“कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के खिलाफ खड़े हैं। वे केवल राजनीतिक फायदे के लिए विरोध कर रहे हैं, जबकि हमारा उद्देश्य महिलाओं को न्याय और समान अधिकार देना है।”

उत्तराखंड पहला राज्य बना

उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। इस कानून के तहत विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान नियम लागू होंगे, जो धर्म के आधार पर भेदभाव को समाप्त करेंगे।

क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?

समान नागरिक संहिता (UCC) का मतलब देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है, जो धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता। इसका उद्देश्य कानून की समानता और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देना है।

उत्तराखंड सरकार के इस फैसले के बाद अब देशभर में इस कानून को अन्य राज्यों में लागू करने को लेकर बहस तेज हो गई है।

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