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बड़ी अपडेट,,दिल्ली में बन रहे केदारधाम मंदिर को लेकर मचा बवाल,,पुरोहितों ने किया निर्माण का विरोध..

उत्तराखंड : केदारनाथ धाम ट्रस्ट बुराड़ी दिल्ली में केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है। पर इससे केदारनाथ धाम से जुड़े पंडित पुरोहितों और धर्मावलंबियों में गुस्सा है। दिल्ली के बुराड़ी में बाबा केदार का प्रतीकात्मक मंदिर बनाने को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 16 जुल, 2024
बड़ी अपडेट,,दिल्ली में बन रहे केदारधाम मंदिर को लेकर मचा बवाल,,पुरोहितों ने किया निर्माण का विरोध..

उत्तराखंड : केदारनाथ धाम ट्रस्ट बुराड़ी दिल्ली में केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है। पर इससे केदारनाथ धाम से जुड़े पंडित पुरोहितों और धर्मावलंबियों में गुस्सा है।

दिल्ली के बुराड़ी में बाबा केदार का प्रतीकात्मक मंदिर बनाने को लेकर विरोध के सुर तेज हो गए हैं।

केदारनाथ धाम से लेकर पूरी केदार घाटी में इसे लेकर नाराजगी व्याप्त है।

आखिरकार केदारनाथ धाम ट्रस्ट बुराड़ी दिल्ली में केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण करवाया जा रहा है।

पर इससे केदारनाथ धाम से जुड़े पंडित पुरोहितों और धर्मावलंबियों में गुस्सा है।

केदारनाथ धाम में आंदोलन के तीसरे दिन तीर्थ पुरोहित समाज, साधु संत एवं व्यापारियों ने दिल्ली में केदारनाथ मंदिर को लेकर प्रदर्शन कर धरना दिया।

इस दौरान जहां साधु-संतों ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि को लेकर जोर-जोर से डमरू बजाया

वहीं तीर्थ पुरोहितों ने बीकेटीसी अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इस्तीफे की मांग भी की।

केदारघाटी के जगह-जगह तीर्थ पुरोहित समाज के साथ स्थानीय लोग मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे हैं।

वहीं केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहित समाज, व्यापारी और साधु संत केदारपुरी में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

आंदोलन के तीसरे दिन पूर्व केदारसभा अध्यक्ष किशन बगवाड़ी के नेतृत्व में केदारपुरी में प्रदर्शन कर मंदिर परिसर में धरना दिया गया।

उन्होंने दिल्ली में श्रीकेदारनाथ धाम ट्रस्ट की ओर से श्रीकेदारनाथ धाम नाम से मंदिर बनाने का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की।

आंदोलनकारियों ने मंदिर परिसर की सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया।

यहां पर केदार सभा के पूर्व अध्यक्ष किशन बगवाड़ी, विनोद शुक्ला, आचार्य संतोष त्रिवेदी आदि का कहना था कि प्रदेश सरकार ने भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ की उपेक्षा की है, जो माफीलायक नहीं है।

 

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