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01 मई से सरकारी विभागों में अनिवार्य बायोमैट्रिक उपस्थिति, ई-ऑफिस और परियोजनाओं की निगरानी होगी तेज

देहरादून : राज्य सरकार ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 01 मई 2025 से सभी विभागों में बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिव समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 अप्र, 2025
01 मई से सरकारी विभागों में अनिवार्य बायोमैट्रिक उपस्थिति, ई-ऑफिस और परियोजनाओं की निगरानी होगी तेज

देहरादून : राज्य सरकार ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 01 मई 2025 से सभी विभागों में बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिव समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक माध्यम से उपस्थिति दर्ज करें।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग 5 से 10 प्रमुख परिणाम आधारित लक्ष्य तय करें और योजनाबद्ध तरीके से कार्य को आगे बढ़ाएं। इसके साथ ही जनहित एवं राज्यहित में आवश्यक लगभग 10-10 योजनाओं/प्रस्तावों की सूची तैयार कर नियोजन विभाग को उसकी लागत का विवरण सहित उपलब्ध कराई जाए।

ई-ऑफिस को किया जाएगा लागू

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन विभागों में अभी तक ई-ऑफिस लागू नहीं हुआ है, वहां इसे शीघ्र प्रारंभ किया जाए। सचिव एवं विभागाध्यक्ष इसकी नियमित समीक्षा कर सुनिश्चित करें कि अधीनस्थ कार्यालय भी इस प्रणाली के तहत कार्य करें। इसके जरिए शासनादेशों को सक्षम स्तर से अनुमति के पश्चात संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

क्षेत्रीय भ्रमण और निगरानी होगी जरूरी

मुख्य सचिव ने सचिव, अपर सचिव एवं विभागाध्यक्षों को अनिवार्य रूप से क्षेत्रीय भ्रमण पर जाने और कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। भ्रमण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया गया कि भ्रमण के दौरान किसी भी विभाग के प्रमुख अधिकारीगण में से एक ही अधिकारी बाहर रहे, ताकि मुख्यालय पर प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

डिजिटल उत्तराखंड की ओर अग्रसर राज्य

बैठक में सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा Digital Uttarakhand Portal की प्रस्तुति दी गई। इस पोर्टल से अधिकारियों को सिंगल साइन-इन की सुविधा मिलेगी और नागरिकों को विभिन्न सेवाएं एक ही पोर्टल के माध्यम से मिल सकेंगी।

पीएम गतिशक्ति पोर्टल की भी प्रस्तुति दी गई, जिसमें बताया गया कि ₹1 करोड़ से अधिक की सभी योजनाओं की मॉनिटरिंग वास्तविक समय में की जा रही है। भविष्य में इस पोर्टल को अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं जैसे IFMS, e-Office के साथ एकीकृत कर राज्य की सभी परियोजनाओं पर निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।

इस बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांश, एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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