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#नैनीताल

झुर्रियों पर फुलस्टॉप लगाने वाले बोटॉक्स से हो सकता है: पैरालिसिस

ये चलन बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि खूबसूरती निखारने वाले बोटॉक्स इंजेक्शन हमारे सेहत के लिए कितने हानिकारक हैं? वैज्ञानिकों का कहना है कि जो बोटॉक्स इंजेक्शन में जो जिस ‘बोटोक्स टॉक्सिन’ का इस्तेमाल किया जाता है वो आपके central nervous system को लकवाग्रस्त …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 02 जून, 2023
झुर्रियों पर फुलस्टॉप लगाने वाले बोटॉक्स से हो सकता है: पैरालिसिस

ये चलन बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि खूबसूरती निखारने वाले बोटॉक्स इंजेक्शन हमारे सेहत के लिए कितने हानिकारक हैं?

वैज्ञानिकों का कहना है कि जो बोटॉक्स इंजेक्शन में जो जिस ‘बोटोक्स टॉक्सिन’ का इस्तेमाल किया जाता है वो आपके central nervous system को लकवाग्रस्त कर सकता है।

त्वचा को र्झुी मुक्त करने के लिए बोटॉक्स में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन समस्या यह है कि आपके चेहरे की चमक निखारने के अलावा ये आपके चेहरे को एक हिस्सा या पूरा हिस्सा ही लकवाग्रस्ता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के ब्रेन इंस्टीट्यूट लेबोरेटरी के प्रोफेसर फ्रेडरिक म्यूनियर ने चेतावनी देते हुए कहा “शोध के दौरान यह बात सामने आई है कि त्वचा के अंदर पहुंचाया गया कुछ टॉक्सिन (जहर) हमारी तंत्रिका कोशिकाओं के सहारे केंद्रीय स्नायुतंत्र तक पहुंच जाता है।

उनका कहना है कि अब तक की खोज के मुताबिक, चिकित्सकीय तौर पर अभी तक बोटॉक्स के कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं।

उन्होंने कहना है कि अबतक की खोज के मुताबिक, चिकित्सकीय तौर पर अभी तक बोटॉक्स के कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं।

लेकिन यह पता लगाना जरूरी है कि ये टॉक्सिन किस तरह हमारे शरीर के central nervous system तक पहुंचते हैं।

क्योंकि इस रास्ते का इस्तेमाल अन्य रोगाणुओं जैसे वेस्ट नील या रेबीज के विषाणुओं द्वारा भी किया जा सकता है।

प्रोफेसर फ्रेडरिक म्यूरियन की प्रयोगशाला में शोधार्थी टोंग वांग ने कहा, “पहली बार हम बोटॉक्स टॉक्सिन को काफी तेज गति से अपनी तंत्रिका कोशिकाओं में गुजरते देखने में सक्षम हुए।

 

 

 

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