Menu
#Mumbai

उत्तराखंड के नेशनल हाईवे पर रोडवेज बस के ब्रेक फेल

उत्तराखंड नेशनल हाईवे पर रोडवेस बस में 27 यात्री सवार थे। बनलेख के पास चढ़ाई से ढलान की ओर चलते ही बस के ब्रेक फेल हो गए। चालक बताया कि तकरीबन 50 मीटर पहले ही उन्हें ब्रेक फेल होने का एहसास हुआ। उत्तराखंड में नेशनल हाईवे पर एक बार फिर …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 16 नव, 2023
उत्तराखंड के नेशनल हाईवे पर रोडवेज बस के ब्रेक फेल

उत्तराखंड

नेशनल हाईवे पर रोडवेस बस में 27 यात्री सवार थे। बनलेख के पास चढ़ाई से ढलान की ओर चलते ही बस के ब्रेक फेल हो गए। चालक बताया कि तकरीबन 50 मीटर पहले ही उन्हें ब्रेक फेल होने का एहसास हुआ।

उत्तराखंड में नेशनल हाईवे पर एक बार फिर बड़ा बस हादसा टल गया।  यात्रियों की जान अटक गई थी, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से यात्रियों की जान बच गई। चम्पावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में बनलेख के पास रोडवेज की बागेश्वर डिपो की बस के ब्रेक फेल हो गए।

चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को हाईवे किनारे पहाड़ी से टकरा दिया। इससे बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। बस के पहाड़ी पर टकराते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई। बुधवार को दिल्ली से पिथौरागढ़ जा रही बागेश्वर डिपो की बस यूके 07 पीए 3148 चम्पावत मुख्यालय से आठ किमी पहले बनलेख के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

बस में 27 यात्री सवार थे। बनलेख के पास चढ़ाई से ढलान की ओर चलते ही बस के ब्रेक फेल हो गए। चालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि तकरीबन 50 मीटर पहले ही उन्हें ब्रेक फेल होने का एहसास हुआ। कहा कि बनलेख के चम्पावत की ओर पहले ही मोड़ पर उन्होंने सुरक्षित जगह देख बस को पहाड़ी की ओर टकरा दिया।

इससे बस पहाड़ी से नहीं टकराकर सीधी झाड़ियों में चली गई। बस के रुकते ही अंदर बैठे यात्रियों में चीख पुकार और अफरातफरी का माहौल हो गया। चीखते हुए यात्री बस से बाहर निकले और राहत की सांस ली। चालक ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं। यात्रियों को दूसरी बस के माध्यम से पिथौरागढ़ की ओर भेजा गया।

रोडवेज बस को झाड़ियों के बीच से निकालने के लिए बनलेख पहुंची दूसरी ब्रेकडाउन बस ने धीरे-धीरे निकलना शुरू किया, लेकिन बस निकलने के बाद भी ब्रेकडाउन बस का चालक दुर्घटनाग्रस्त बस को खींचता चला गया।

इससे सुरक्षित निकल चुकी बस दोबारा स्क्रबर तोड़ते हुए नाले में घुस गई। इसके बाद दूसरी बस की मदद से आगे की ओर खींचा गया। तब जाकर बस बाहर निकली। बसों के आधे रास्ते में खराब होने और ब्रेक फेल होने से घटनाओं के बढ़ने से यात्री सफर से गुरेज करने लगे हैं।

पांच महीने पहले पांच किमी में टला था हादसा चम्पावत। करीब पांच माह पहले एनएच पर धौन के पास भी बस के ब्रेक फेल हो गए थे। यहां बस दो सौ मीटर गहरी खाई में जाने से बाल-बाल बच गई थी। यह हादसा बनलेख से पांच किमी दूर टनकपुर की ओर धौन के पास हुआ था। बस में तब 34 तीर्थयात्री सवार थे। सभी को हल्की चोट आई थी। तीर्थयात्री रीठासाहिब गुरुद्वारे से दर्शन के बाद वापस पंजाब लौट रहे थे।

बागेश्वर डिपो बस के ब्रेक फेल हो गए थे। सूझबूझ दिखाते हुए चालक ने इसे पहाड़ी से टकराना उचित समझा। यात्रियों को दूसरी बस से पिथौरागढ़ की ओर लाया गया है।

बस को भी मौके से ले जाया गया है। किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है।

Tagged:
Share This Article