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BREAKING NEWS: वक्फ संशोधन विधेयक पर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान – “अब जमीनें जनता के काम आएंगी”

हरिद्वार: हाल ही में संसद में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “देश लंबे समय से इस संशोधन की मांग कर रहा था। पंचायतों और अन्य विभागों की जिन जमीनों को वक्फ संपत्ति घोषित कर कब्जा …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 04 अप्र, 2025
BREAKING NEWS: वक्फ संशोधन विधेयक पर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान – “अब जमीनें जनता के काम आएंगी”

हरिद्वार: हाल ही में संसद में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “देश लंबे समय से इस संशोधन की मांग कर रहा था। पंचायतों और अन्य विभागों की जिन जमीनों को वक्फ संपत्ति घोषित कर कब्जा किया गया था, अब वे जमीनें नए मापदंड के तहत बाहर आ जाएंगी। इससे जनकल्याण के कार्यों को गति मिलेगी।”

सीएम धामी ने हरिद्वार में मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि उत्तराखंड में भी ऐसे कई वक्फ संपत्ति विवादों की जांच कराई जाएगी, ताकि वास्तविक लाभ जनता को मिल सके। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, “विपक्ष तुष्टिकरण की राजनीति करता रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब ऐतिहासिक फैसले लिए जा रहे हैं जो राष्ट्रहित में हैं।”

यह विधेयक *वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करता है। इसके तहत:
– वक्फ संपत्ति घोषित करने की प्रक्रिया को पारदर्शी* और जवाबदेह बनाया गया है।
– स्थानीय निकायों, पंचायतों और सरकारी विभागों की जमीनों को वक्फ संपत्ति घोषित करने पर रोक लगाई गई है।
– वक्फ बोर्ड को अब किसी संपत्ति को वक्फ घोषित करने से पहले सभी पक्षों की सहमति और सार्वजनिक नोटिस देना अनिवार्य होगा।

राजनीतिक और सामाजिक असर:
यह विधेयक देशभर में विवादित वक्फ संपत्तियों को लेकर उपजे असंतोष को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कई राज्यों में वक्फ बोर्ड द्वारा सार्वजनिक या ग्राम समाज की जमीनों पर दावा करने को लेकर विवाद रहे हैं।

सीएम धामी का यह बयान उत्तराखंड में इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी ताकि सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग जनहित में हो सके।

 

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