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Breaking News उत्तराखंड: पहाड़ों पर ‘एवलांच’ का खतरा; 5 जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट, प्रशासन और SDRF को मुस्तैद रहने के निर्देश

देहरादून (24 जनवरी): उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते मौसम के बदले मिजाज के बीच अब हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा मंडराने लगा है। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) ने राज्य के 5 जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 24 जन, 2026
Breaking News उत्तराखंड: पहाड़ों पर ‘एवलांच’ का खतरा; 5 जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट, प्रशासन और SDRF को मुस्तैद रहने के निर्देश

देहरादून (24 जनवरी): उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते मौसम के बदले मिजाज के बीच अब हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा मंडराने लगा है। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) ने राज्य के 5 जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए राज्य आपाताकालीन परिचालन केंद्र ने जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग को ‘अलर्ट मोड’ में रहने के निर्देश दिए हैं।

किन जिलों में कितना खतरा? DGRE द्वारा जारी पूर्वानुमान (शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक) के अनुसार:

  • डेंजर लेवल-3 (अधिक खतरा): उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़।

  • डेंजर लेवल-2 (मध्यम खतरा): बागेश्वर।

इन जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की स्थिति में एवलांच की घटनाएं हो सकती हैं।

मौसम का हाल और प्रशासन की अपील मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, 24 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होगा, लेकिन हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना अभी भी बनी हुई है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने कहा, “प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।”

हिमस्खलन से बचाव के लिए एडवाइजरी:

  1. यात्रा से बचें: चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही जाएं।

  2. दूरी बनाए रखें: पुराने एवलांच साइट्स और ढलानों वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

  3. सतर्कता: पूर्व में हिमस्खलन प्रभावित रह चुके इलाकों में कैंपिंग न करें।

  4. स्थानांतरण: यदि आप अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्र में हैं, तो एक-दो दिन के लिए निचले सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

 

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