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बदरीनाथ जाते समय अलकनंदा में समाई बस: कीर्तन-भजन गाते हुए हुआ दुखद हादसा

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब बदरीनाथ जा रही यात्रियों से भरी बस अलकनंदा नदी में जा गिरी। इस दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, आठ लोग घायल हैं और सात लोग अभी भी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 28 जून, 2025
बदरीनाथ जाते समय अलकनंदा में समाई बस: कीर्तन-भजन गाते हुए हुआ दुखद हादसा

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब बदरीनाथ जा रही यात्रियों से भरी बस अलकनंदा नदी में जा गिरी। इस दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, आठ लोग घायल हैं और सात लोग अभी भी लापता हैं।

घटना बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर घोलतीर के समीप स्टेट बैंक मोड़ के पास हुई, जहां बस संख्या UK08 PA 7444 अनियंत्रित होकर सीधे गहरी खाई में गिरकर उफनती अलकनंदा नदी में समा गई। हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि यात्रा शुरू होते समय बस में सवार सभी यात्री खुशी-खुशी कीर्तन-भजन गा रहे थे और साउंड सिस्टम के साथ तालियां बजाते हुए आगे बढ़ रहे थे।

बस में चालक और गाइड सहित कुल बीस लोग सवार थे, जिनमें से अठारह लोग एक ही परिवार के सदस्य थे और वे बदरीनाथ की तीर्थ यात्रा पर जा रहे थे। हादसे से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें यात्री धार्मिक गीत गाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

घायल यात्री अमिता सोनी ने बताया कि वे कीर्तन-भजन गाते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन हादसा कैसे हुआ इसका पता ही नहीं चला। शुक्रवार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस, फायर सर्विस, पुलिस और डीडीआरएफ के जवानों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू टीम को राफ्ट के सहारे खोजबीन करते हुए रतूड़ा के समीप एक शव मिला, जिसकी शिनाख्त संजय सोनी (55 वर्ष), निवासी उदयपुर के रूप में हुई है। घायलों में भव्य, पार्थ, भावना सोनी और अमिता सोनी को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार के अनुसार घायलों को हल्की चोटें आई थीं और इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था।

शुक्रवार को परिजन अस्पताल पहुंचे और घायलों को साथ ले गए। नाबालिग पार्थ को उसके चाचा के साथ राजगढ़ भेज दिया गया। अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई।

यह दुखद घटना तीर्थ यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है। पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी और खतरनाक सड़कों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है। रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी है और अधिकारी लापता व्यक्तियों की खोज में लगे हुए हैं।

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