Menu
#Mumbai

तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु सीबीआरआई टीम ने पूरा किया भू-तकनीकी सर्वे

रुद्रप्रयाग:समुद्र तल से 12074 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार के नाम से विख्यात तुंगनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा इस प्राचीन मंदिर के रखरखाव हेतु तेज़ी से कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 31 अग, 2025
तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु सीबीआरआई टीम ने पूरा किया भू-तकनीकी सर्वे

रुद्रप्रयाग:समुद्र तल से 12074 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार के नाम से विख्यात तुंगनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा इस प्राचीन मंदिर के रखरखाव हेतु तेज़ी से कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने शनिवार 30 अगस्त को तुंगनाथ मंदिर के भू-तकनीकी सर्वे का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी और उसके अनुरूप संरक्षण कार्य प्रारंभ होगा।

द्विवेदी ने जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की, तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के निर्माण और विकासात्मक गतिविधियों के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अनुरोध पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रही है। इस डीपीआर के आधार पर मंदिर के रखरखाव और संरक्षण का कार्य शुरू होगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और सीबीआरआई की टीमों द्वारा भी तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र का विस्तृत दौरा किया जा चुका है। इन सभी संस्थानों के सहयोग से मंदिर के संरक्षण कार्य को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

यह संरक्षण कार्य न केवल इस प्राचीन धार्मिक स्थल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है कि आने वाली पीढ़ियां इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर का लाभ उठा सकें।

Tagged:
Share This Article