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Uttarakhand Census: प्रशासनिक सीमाएं सील, 25 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण.

देहरादून (14 फरवरी 2026): केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उत्तराखंड में जनगणना (Census) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इसके तहत प्रदेश की प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं तत्काल प्रभाव से सील (Freeze) कर दी गई हैं। अब जनगणना प्रक्रिया पूरी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 14 फ़र, 2026
Uttarakhand Census: प्रशासनिक सीमाएं सील, 25 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण.

देहरादून (14 फरवरी 2026): केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उत्तराखंड में जनगणना (Census) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इसके तहत प्रदेश की प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं तत्काल प्रभाव से सील (Freeze) कर दी गई हैं। अब जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक राज्य में किसी भी नए नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत का गठन नहीं किया जा सकेगा, और न ही किसी गांव को नगर निकाय में शामिल किया जा सकेगा।

उत्तराखंड में जनगणना का बिगुल: प्रशासनिक सीमाएं सील, 25 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण

जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जनगणना के सटीक आंकड़ों के लिए यह अनिवार्य है कि इस दौरान जिलों, तहसीलों और वार्डों की सीमाएं स्थिर रहें। यदि बीच में सीमाएं बदलती हैं, तो जनसंख्या का डाटा मिसमैच या गलत होने की संभावना रहती है। हालांकि, इस रोक का सार्वजनिक सुविधाओं और सामान्य सरकारी कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

तीन चरणों में होगी जनगणना: पूरा शेड्यूल उत्तराखंड में जनगणना का कार्य निम्नलिखित तीन चरणों में संपन्न होगा:

  1. पहला चरण (25 अप्रैल से 24 मई 2026): मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा।

  2. दूसरा चरण (11 से 30 सितंबर 2026): बर्फबारी वाले (Snowbound) क्षेत्रों में लोगों की गणना होगी। इन क्षेत्रों में सितंबर में गणना इसलिए की जा रही है क्योंकि बर्फबारी के बाद लोग यहां से पलायन कर जाते हैं।

  3. तीसरा चरण (09 से 28 फरवरी 2027): राज्य के अन्य क्षेत्रों में देशभर के साथ मुख्य जनगणना होगी।

30 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण जनगणना कार्य के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण अभियान 16 फरवरी से शुरू हो रहा है:

  • शुरुआत: 16 फरवरी से चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू होगा।

  • मास्टर्स और ट्रेनर्स: 23 कर्मचारियों को बतौर मास्टर्स और 555 कर्मचारियों को फील्ड ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।फील्ड ट्रेनर आगे चलकर 4,000 सुपरवाइजरों और प्रदेश भर के 30,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।  25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच 30 हजार कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी, जिसमें एक बैच (40 कर्मचारी) को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

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