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चमोली आपदा: सीटी बजाकर लोगों को अलर्ट करने वाले प्रेम बुटोला मलबे में 100 मीटर बहे, चमत्कारिक रूप से बचे

चमोली : अगस्त की रात में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान एक व्यक्ति की वीरता और साहस की गाथा सामने आई है। प्रेम बुटोला नामक व्यक्ति ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सीटी बजाकर और हल्ला मचाकर अन्य लोगों को आसन्न खतरे के बारे में अलर्ट करने का …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 25 अग, 2025
चमोली आपदा: सीटी बजाकर लोगों को अलर्ट करने वाले प्रेम बुटोला मलबे में 100 मीटर बहे, चमत्कारिक रूप से बचे

चमोली : अगस्त की  रात में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान एक व्यक्ति की वीरता और साहस की गाथा सामने आई है। प्रेम बुटोला नामक व्यक्ति ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सीटी बजाकर और हल्ला मचाकर अन्य लोगों को आसन्न खतरे के बारे में अलर्ट करने का प्रयास किया था। लेकिन इसी दौरान अचानक पहाड़ी से आए मलबे में वे बह गए और करीब 100 मीटर तक मलबे के साथ नीचे की ओर बहते रहे।

 

देवाल से थराली तक का पूरा क्षेत्र इस आपदा की चपेट में आया, जहां सड़क के समानांतर बहने वाली पिंडर नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाया। थराली में तो कई घरों के नजदीक से बहने वाली पिंडर नदी ने स्थिति को और भी खतरनाक बना दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश के मौसम में पिंडर का गुस्सैल रूप देखने को मिलता है, लेकिन इस बार पहाड़ियों से निकलने वाले गदेरों (छोटी नदियों) ने जो तबाही मचाई, उससे सभी डर गए हैं।

चमोली आपदा

प्रेम बुटोला के साथ हुई घटना का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि मलबे से बाहर निकलना बेहद कठिन था। बड़ी मुश्किल से वे मलबे से बाहर निकले और कुछ दूर तक घुटनों के बल रेंगते हुए आगे बढ़े। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के फिजीशियन डॉ. सतेंद्र कंडारी ने बताया कि घायल प्रेम बुटोला का उपचार जारी है और कुछ दिनों तक इलाज चलता रहेगा।

केदारबगड़ निवासी पूर्व खंड विकास अधिकारी डीडी कुनियाल ने इस आपदा की भयावहता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिंडर नदी का गुस्सैल रूप तो हर बारिश में दिखता है, परंतु इस बार पहाड़ियों से निकलने वाले गदेरों की तबाही डरावनी है। जौला निवासी आनंद सिंह और सुरेशानंद जोशी ने बताया कि चेपड़ों (सड़क परिवहन) के नुकसान को देखते हुए वे पैदल ही थराली तक गए थे।

यह घटना दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय कैसे साधारण लोग अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरों की सुरक्षा के लिए आगे आते हैं। प्रेम बुटोला की यह वीरता न केवल प्रशंसनीय है बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है।

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