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chamoli:परवाड़ी में एक माह में उखड़ने लगा सड़क का डामर, ग्रामीणों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी.

चमोली। जनपद चमोली के भराड़ीसैंण क्षेत्र के नजदीक स्थित परवाड़ी गांव को जोड़ने के लिए बनाई गई सड़क का डामरीकरण एक माह के भीतर ही उखड़ने लगा है। सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जल्द सुधार न होने पर विधानसभा सत्र के दौरान …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 07 मा, 2026
chamoli:परवाड़ी में एक माह में उखड़ने लगा सड़क का डामर, ग्रामीणों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी.

चमोली। जनपद चमोली के भराड़ीसैंण क्षेत्र के नजदीक स्थित परवाड़ी गांव को जोड़ने के लिए बनाई गई सड़क का डामरीकरण एक माह के भीतर ही उखड़ने लगा है। सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जल्द सुधार न होने पर विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

परवाड़ी में एक माह में उखड़ने लगा सड़क का डामर, ग्रामीणों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी

दरअसल, भराड़ीसैंण बाजार से परवाड़ी गांव को जोड़ने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया है, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन निर्माण के महज एक माह के भीतर ही सड़क पर किया गया डामरीकरण जगह-जगह से उखड़ने लगा है। खराब डामर के कारण सड़क पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है और फिसलने की आशंका बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा भवन सहित पूरे परिसर के निर्माण के लिए परवाड़ी गांव के लोगों ने अपना चारागाह तक दिया था। इसके बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण सड़क सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परवाड़ी के समीप स्थित सारकोट गांव को गोद लेकर उसे मुख्यमंत्री आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की पहल की थी। इसके तहत गांव में स्वच्छता अभियान, शौचालय निर्माण, सभी घरों का एक समान रंग-रोगन, सोलर लाइट की व्यवस्था तथा ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। इसी क्रम में सारकोट के साथ परवाड़ी को भी सड़क सुविधा से जोड़ने की योजना लागू की गई थी।

हालांकि सड़क के डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद ग्रामीणों में असंतोष बढ़ गया है। जिला पंचायत सदस्य व परवाड़ी गांव की निवासी कामेश्वरी देवी ने कहा कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं की गई और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी बजट सत्र के दौरान ग्रामीणों को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

वहीं कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने बताया कि सड़क के घटिया डामरीकरण की शिकायत प्राप्त हुई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कार्य कर रही संस्था National Projects Construction Corporation (एनपीसीसी) को सख्त चेतावनी देते हुए दोबारा डामरीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उधर पीएमजीएसवाई की कार्यदायी संस्था एनपीसीसी के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क का निर्माण जायडेक्स तकनीक से किया गया है, जिसमें केमिकल मिलाकर डामरीकरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि डामर उखड़ने का कारण निर्माण के दौरान अधिक वाहनों की आवाजाही और कम तापमान रहा है। मामले में संबंधित ठेकेदार को सड़क की मरम्मत के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है

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