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चारधाम यात्रा-2026: परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया ‘ग्रीन कार्ड’ प्रणाली का शुभारंभ.

हरिद्वार। उत्तराखंड की आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को एआरटीओ कार्यालय, रोशनाबाद (हरिद्वार) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने व्यावसायिक …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 30 मा, 2026
चारधाम यात्रा-2026: परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया ‘ग्रीन कार्ड’ प्रणाली का शुभारंभ.

हरिद्वार। उत्तराखंड की आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को एआरटीओ कार्यालय, रोशनाबाद (हरिद्वार) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ‘ग्रीन कार्ड प्रणाली’ का विधिवत उद्घाटन किया।

पोर्टल के जरिए पहले ग्रीन कार्ड का हुआ अनुमोदन

माननीय मंत्री जी ने ग्रीन कार्ड पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर क्लिक कर प्रदेश के पहले ग्रीन कार्ड को डिजिटल रूप से अप्रूव किया और संबंधित वाहन चालक को कार्ड सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धामों की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रीन कार्ड प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि यात्रा मार्ग पर चलने वाला हर व्यावसायिक वाहन तकनीकी रूप से फिट और सुरक्षित हो।

क्या है ग्रीन कार्ड प्रणाली और इसके लाभ?

ग्रीन कार्ड एक अनिवार्य तकनीकी फिटनेस प्रमाणपत्र है, जो चारधाम यात्रा में सम्मिलित होने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए जारी किया जाता है।

  • तकनीकी फिटनेस: यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि वाहन के ब्रेक, टायर और अन्य सुरक्षा मानक दुरुस्त हैं।

  • त्वरित सूचना: आपातकालीन स्थिति में इस कार्ड के जरिए वाहन और उसके मालिक की समस्त जानकारी प्रशासन को तत्काल उपलब्ध हो सकेगी।

  • पारदर्शिता: ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने की व्यवस्था से प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

आवेदन प्रक्रिया और प्रमुख केंद्र

वाहन स्वामी परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.greencard.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शुल्क जमा करने के बाद निकटतम परिवहन कार्यालय में वाहन का तकनीकी निरीक्षण करवाना अनिवार्य होगा, जिसके पश्चात ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। देहरादून संभाग के अंतर्गत हरिद्वार, ऋषिकेश, आशारोड़ी (देहरादून), विकासनगर, टिहरी और उत्तरकाशी कार्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है। रुड़की कार्यालय द्वारा 16 अप्रैल से नरसन चेकपोस्ट पर भी यह सेवा शुरू की जाएगी।

अधिकारियों के प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम के दौरान ग्रीन कार्ड प्रणाली को ऑनलाइन प्रभावी बनाने में एनआईसी उत्तराखंड के वरिष्ठ निदेशक (आईटी) श्री हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक श्री रमन पुंडीर के विशेष प्रयासों की सराहना की गई।

इस अवसर पर अपर परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री राजीव मेहरा, आरटीओ (प्रशासन) देहरादून श्री संदीप सैनी और आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था एआरटीओ हरिद्वार श्री निखिल शर्मा और उनकी टीम द्वारा सुचारू रूप से संचालित की गई।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रा सीजन के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए इस तरह की तकनीकी पहलें निरंतर जारी रहेंगी।

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