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विधानसभा में विपक्षी हंगामे पर मुख्यमंत्री का पलटवार, “पंचायत चुनाव की हार की खीझ निकाल रहा विपक्ष”

भराड़ीसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों के हंगामे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा, लोकसभा और निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत चुनाव में मिली हार की निराशा सदन के कामकाज में बाधा डालकर निकाल रही है। …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 19 अग, 2025
विधानसभा में विपक्षी हंगामे पर मुख्यमंत्री का पलटवार, “पंचायत चुनाव की हार की खीझ निकाल रहा विपक्ष”

भराड़ीसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों के हंगामे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा, लोकसभा और निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत चुनाव में मिली हार की निराशा सदन के कामकाज में बाधा डालकर निकाल रही है। मंगलवार को विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैये को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया।

विधानसभा

धामी ने कहा कि भराड़ीसैंण सभी की भावनाओं का केंद्र है, इसीलिए सरकार ने मानसून के कठिन समय में भी यहां सत्र बुलाने का निर्णय लिया। सड़क मार्ग बंद होने की परेशानी के बावजूद सभी विधायक और अधिकारी यहां पहुंचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर मुद्दे पर बहस चाहती है, लेकिन विपक्ष ने कानून व्यवस्था पर चर्चा की आड़ में खुद ही सदन की व्यवस्था भंग करने का काम किया है।

पंचायत चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले विपक्ष पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि चुनाव पक्षपातपूर्ण होते तो देहरादून और बाजपुर में कांग्रेस की जीत कैसे संभव होती। नैनीताल में भाजपा के अध्यक्ष और कांग्रेस के उपाध्यक्ष की जीत इस बात का प्रमाण है कि चुनाव पारदर्शी तरीके से संपन्न हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी देशभर में हार के बाद ईवीएम, चुनाव आयोग और प्रशासन पر बेबुनियाद आरोप लगाती है।

सीएम धामी ने विपक्षी विधायकों द्वारा मेज तोड़ने और विधानसभा अध्यक्ष के सामने कागज के पुतले फेंकने को अत्यंत निंदनीय बताया। उन्होंने बताया कि सरकार वर्तमान सत्र में अनुपूरक बजट के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है, जिसमें ‘उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक 2025’ भी शामिल है। यह विधेयक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और पारदर्शिता लाने के लिए लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आई आपदाओं के दौरान सरकार के राहत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि धराली सहित सभी प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इन सकारात्मक पहलों में भी केवल नकारात्मकता देख रही है।

विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे शुरू हुई थी, लेकिन विपक्षी हंगामे के कारण सदन को शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष के लगातार विरोध के बीच भी सरकार ने कुछ विधेयक सदन में पेश किए।

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