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उत्तराखंड में स्कूली बस्ते के बोझ से बच्चों को मिलेगी कुछ राहत: डॉ. धनसिंह रावत

रावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चों के स्कूल बैग का वजन बढ़ा है और उनके विकास और विकास के लिए यह जरूरी है कि इस बोझ को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य के सभी बोर्डों के अधिकारियों और शिक्षाविदों से चर्चा की …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 फ़र, 2023
उत्तराखंड में स्कूली बस्ते के बोझ से बच्चों को मिलेगी कुछ राहत: डॉ. धनसिंह रावत

रावत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चों के स्कूल बैग का वजन बढ़ा है और उनके विकास और विकास के लिए यह जरूरी है कि इस बोझ को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य के सभी बोर्डों के अधिकारियों और शिक्षाविदों से चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देखने में आता है कि छात्र सप्ताह के सभी दिनों में पढ़ाई से ऊब जाते हैं और कई बार तनाव में आ जाते हैं।

इसे दूर करने के लिए शिक्षा विभाग महीने में एक बार बैग फ्री डे शुरू करने की योजना बना रहा है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस दिन खेलकूद, वाद-विवाद, सांस्कृतिक गतिविधियां और कृषि कार्य किए जा सकते हैं।

मंत्री ने कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को भारतीय पारंपरिक ज्ञान के अध्ययन के लिए एक पाठ्यक्रम तैयार करने और एक पुस्तक ‘हमारी विरासत’ संकलित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि वे ऐसी योजना तैयार करें जिसके तहत साल में कम से कम 220 दिन पढ़ाई अनिवार्य रूप से हो।

मंत्री ने खुलासा किया कि शिक्षक बंटवारे पर अन्य बोर्डों के साथ एक समझौता किया जाएगा ताकि अन्य बोर्डों के अच्छे शिक्षक अन्य बोर्डों से संबद्ध स्कूलों का दौरा कर सकें।

स्कूल शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने कहा कि एनईपी-2020 पर कार्यशाला भी सभी जिलों में आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 को 4500 से अधिक प्री प्राइमरी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू किया गया है।

कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के विषय विशेषज्ञों ने शैक्षिक नवाचारों और एनईपी पर अपनी प्रस्तुति दी।

 

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