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सीएम धामी विजयदशमी पर लक्ष्मण चौक, देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विजयदशमी के अवसर पर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदू नेशनल स्कूल देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्मण चौक पर हर वर्ष होने वाला यह …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 03 अक्ट, 2025
सीएम धामी विजयदशमी पर लक्ष्मण चौक, देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विजयदशमी के अवसर पर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदू नेशनल स्कूल देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव व रावण दहन में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्मण चौक पर हर वर्ष होने वाला यह आयोजन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसके प्रणेता राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जनजागरण और सांस्कृतिक चेतना का माध्यम बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के भी सौ वर्ष पूर्ण हुए हैं। मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए संघ की विचारधारा और प्रेरणा ही राष्ट्र कार्य करने की शक्ति है।

उन्होंने कहा कि दशहरा मात्र पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन में पाथेय का कार्य करता है। यह सिखाता है कि चाहे असत्य कितना भी बलवान क्यों न हो, उसकी पराजय निश्चित है। भगवान राम का संपूर्ण जीवन मर्यादा, धर्म और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने यह संदेश दिया कि धर्म की रक्षा के लिए कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, विजय सदैव धर्म की ही होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या धाम में प्रभु राम का भव्य मंदिर हमारे युग का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव बन गया है। हमारे मंदिर, मेले और पर्व न केवल सनातन संस्कृति में आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि पर्यटन और रोजगार का भी सशक्त माध्यम हैं। इसी को देखते हुए सरकार इन आयोजनों को बड़े स्तर पर आयोजित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सरकार ने लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद और धर्मांतरण जिहाद जैसी बुराइयों को प्रदेश से समाप्त करने का संकल्प लिया है। आज प्रदेश में दंगारोधी कानून लागू कर दंगाइयों की संपत्ति जब्त की जा रही है और उनसे ही नुकसान की भरपाई कराई जा रही है।

युवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं। हाल ही में सामने आए नकल प्रकरण पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और परीक्षा की जांच के लिए SIT गठित की। युवाओं की माँग पर इस मामले की CBI जांच भी सुनिश्चित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित होंगे जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा के मंदिरों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, न कि बच्चों को पिछड़ी सोच की ओर धकेला जाए।

उन्होंने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए भ्रष्टाचार रूपी रावण का अंत करने का भी संकल्प लिया गया है। पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लिए सरकार निरंतर कार्यरत है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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