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देहरादून में सीएम धामी का औचक निरीक्षण, गैस आपूर्ति का लिया जायजा; संकट पर कही बड़ी बात

देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के गढ़ीकैंट क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण कर गैस आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजरायल युद्ध के चलते ईंधन और गैस आपूर्ति पर पड़ रहे संभावित प्रभाव के बीच मुख्यमंत्री ने हालात की …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 24 मा, 2026
देहरादून में सीएम धामी का औचक निरीक्षण, गैस आपूर्ति का लिया जायजा; संकट पर कही बड़ी बात

देहरादून,
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के गढ़ीकैंट क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण कर गैस आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजरायल युद्ध के चलते ईंधन और गैस आपूर्ति पर पड़ रहे संभावित प्रभाव के बीच मुख्यमंत्री ने हालात की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रेस्टोरेंट संचालकों से गैस सप्लाई को लेकर जानकारी ली। संचालकों ने बताया कि आपूर्ति में हल्की कमी जरूर आई है, लेकिन फिलहाल गैस उपलब्ध हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गैस की खपत कम करने के लिए तंदूर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्तमान में राज्य में गैस का कोई बड़ा संकट नहीं है, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, देशभर में गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों तथा आम जनता से अपील की कि आवश्यकता पड़ने पर संयम और एकजुटता का परिचय दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि स्थिति चुनौतीपूर्ण होती है, तो देशवासियों को कोरोना काल की तरह मिलकर इसका सामना करना होगा। उन्होंने इंडक्शन और अन्य वैकल्पिक साधनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

गौरतलब है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल गैस कनेक्शन धारकों को सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कुछ हद तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कई प्रतिष्ठानों ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाकर अपने संचालन को जारी रखा है।

 

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