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चंबा में ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण, हथकरघा क्षेत्र को मिली नई दिशा

टिहरी:– चंबा के बूथ केंद्र पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक किशोर उपाध्याय, …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 27 जुल, 2025
चंबा में ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण, हथकरघा क्षेत्र को मिली नई दिशा

टिहरी:– चंबा के बूथ केंद्र पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।

मन की बात

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक किशोर उपाध्याय, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं टिहरी जिला प्रभारी शैलेंद्र बिष्ट, जिला अध्यक्ष उदय रावत, नगर पालिका अध्यक्ष शोभिनी धनौला, वरिष्ठ नेता सुभाष रमोला और वीरेंद्र सजवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा हथकरघा और स्थानीय शिल्प को लेकर व्यक्त विचारों को अत्यंत प्रेरणास्पद बताया।

प्रधानमंत्री द्वारा हथकरघा को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताते हुए इसे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की बात की सराहना करते हुए राज्यमंत्री वीरेंद्र सेमवाल ने कहा कि मोदी जी के विचारों से प्रेरणा लेते हुए वे उत्तराखंड में हथकरघा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर देहरादून में एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सीमांत क्षेत्रों में कार्यरत भेड़पालकों व शिल्पकारों को सम्मानित किया जाएगा।(मन की बात)

 

राज्यमंत्री सेमवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे चंबा क्षेत्र के प्रभारी के रूप में यहां के विकास और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने स्थानीय युवाओं और कारीगरों से हथकरघा व हस्तशिल्प को रोजगार का बेहतर माध्यम बनाने की अपील की। कार्यक्रम के पश्चात कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय विकास, स्वरोजगार और सामाजिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया।(मन की बात)

यह कार्यक्रम स्थानीय हथकरघा उद्योग और शिल्पकारों के लिए एक नई आशा की किरण साबित हुआ है, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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