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मनरेगा बजट को कम करने के लिए सरकार की निंदा की: यशपाल आर्य

मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मनरेगा के लिए 98,000 करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी। लेकिन बजट में केवल 60,000 रुपये का प्रावधान किया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 02 मई, 2023
मनरेगा बजट को कम करने के लिए सरकार की निंदा की: यशपाल आर्य

मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मनरेगा के लिए 98,000 करोड़ रुपये के बजट की मांग की थी।

लेकिन बजट में केवल 60,000 रुपये का प्रावधान किया गया।

आर्य ने कहा कि महत्वपूर्ण योजना के बजट में 30,000 करोड़ रुपये की कटौती अकथनीय है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा देश में लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है और इससे 5.6 करोड़ परिवार लाभान्वित होते हैं।

यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।

आर्य ने कहा कि भूमिहीन मजदूरों, छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली योजना के बजट में कमी एक अच्छा संकेत नहीं है।

मनरेगा में एनएमएमएस एप द्वारा हाजिरी की बाध्यता पर सवाल उठाते हुए आर्य ने कहा कि यह बाध्यता अव्यावहारिक है।

योजना के तहत रोजगार पाने वाले मजदूरों को अब उपस्थिति दर्ज कराने के लिए दिन में दो बार अपनी तस्वीर अपलोड करनी होगी।

आर्य ने दावा किया कि नई व्यवस्था के तहत सैकड़ों मजदूरों की हाजिरी नहीं लग पाई है।

जिसके कारण वे अपने वेतन से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि ऐप द्वारा उपस्थिति से मजदूरों में हताशा बढ़ेगी।

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