Menu
#Mumbai

उत्तराखंड में खुलेगा देश का पहला त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय कैंपस, गुजरात मॉडल से मिलेगा प्रशिक्षण और नवाचार में सहयोग

अहमदाबाद/देहरादून: उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुजरात दौरे के दौरान अहम घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में देश के पहले त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय का एक कैंपस खोला जाएगा। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 11 जुल, 2025
उत्तराखंड में खुलेगा देश का पहला त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय कैंपस, गुजरात मॉडल से मिलेगा प्रशिक्षण और नवाचार में सहयोग

अहमदाबाद/देहरादून:  उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुजरात दौरे के दौरान अहम घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में देश के पहले त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय का एक कैंपस खोला जाएगा। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

डॉ. रावत ने गांधीनगर स्थित सर्किट हाउस में गुजरात के सहकारिता मंत्री जगदीश विश्वकर्मा और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डिजिटल बैंकिंग, ऋण वितरण और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए)की वसूली के लिए प्रभावी तंत्रों पर व्यापक चर्चा की गई। उन्होंने गुजरात के सहकारी मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि इसे उत्तराखंड में अपनाकर किसानों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा।

डॉ. रावत ने बताया कि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय, जो आनंद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट (आईआरएमए) के परिसर में स्थापित किया जा रहा है, अमूल के संस्थापक त्रिभुवनदास पटेल के नाम पर है। यह विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र में डिग्री, डिप्लोमा और पीएचडी कोर्स संचालित करेगा और देशभर में सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों का एक नेटवर्क विकसित करेगा। उत्तराखंड में प्रस्तावित कैंपस से राज्य के युवाओं को सहकारी प्रबंधन व तकनीकी कौशल में दक्षता हासिल होगी, जिससे ग्रामीण विकास और वित्तीय समावेशन को नई दिशा मिलेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक और गुजरात राज्य सहकारी बैंक संयुक्त रूप से सहकारी बैंकों के कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें डिजिटल तकनीक, वित्तीय प्रबंधन, ग्राहक सेवा और ग्रामीण आर्थिक विकास जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

डॉ. रावत ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में भी गुजरात मॉडल की तरह एन.पी.ए वसूली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए संरचित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड के सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, गुजरात सरकार के सचिव संदीप कुमार, उत्तराखंड और गुजरात के निबंधक सहकारी समितियां, उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक प्रदीप मेहरोत्रा, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, मंगला प्रसाद त्रिपाठी सहित अमूल डेयरी और जीएससीबी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Tagged:
Share This Article