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साइबर हमला: पाकिस्तानी हैकर्स का दावा – भारतीय रक्षा संस्थानों का डाटा चुराया

नई दिल्ली: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। इसी बीच, ‘पाकिस्तान साइबर फोर्स’ नामक एक्स (पूर्व ट्विटर) खाते से एक गंभीर दावा किया गया है। इस हैकर्स समूह ने भारतीय रक्षा संस्थानों, विशेषकर सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) और …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 05 मई, 2025
साइबर हमला: पाकिस्तानी हैकर्स का दावा – भारतीय रक्षा संस्थानों का डाटा चुराया

नई दिल्ली: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। इसी बीच, ‘पाकिस्तान साइबर फोर्स’ नामक एक्स (पूर्व ट्विटर) खाते से एक गंभीर दावा किया गया है। इस हैकर्स समूह ने भारतीय रक्षा संस्थानों, विशेषकर सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) और मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (MP-IDSA) का संवेदनशील डाटा चुराने का दावा किया है।

हैकर्स ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड (AVNL) की वेबसाइट को हैक करने की कोशिश की। इस दौरान वेबसाइट पर पाकिस्तान का झंडा और ‘अल खालिद’ टैंक की तस्वीर दिखाई दी। सूत्रों के अनुसार, हैकर्स ने सैन्यकर्मियों की निजी जानकारी और लॉगिन विवरण तक भी पहुंच बना ली है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, वेबसाइट अस्थायी रूप से बंद

सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए AVNL की वेबसाइट को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। वेबसाइट की पूर्ण जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कितना नुकसान हुआ है। साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार इंटरनेट पर नजर रख रही हैं ताकि पाकिस्तान से किसी अन्य संभावित साइबर हमले को समय रहते रोका जा सके।

पहलगाम आतंकी हमला और बढ़ता तनाव

गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। इस हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई रणनीतिक कदम उठाए हैं, जिनमें:

  • पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा में छूट रद्द करना
  • सिंधु जल संधि को निलंबित करना
  • सभी डाक सेवाओं पर प्रतिबंध लगाना शामिल हैं।

भारत कर रहा है साइबर सुरक्षा को और मजबूत

सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार अब साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। विशेषज्ञों की निगरानी में इंटरनेट पर चल रही गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके और देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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