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आए दिन जंगली हाथी पहुंचा रहे किसानों की फसलों को नुकसान

डोईवाला। रामगढ़ व लच्छीवाला रेंज अंतर्गत जंगली हाथी आए दिन किसानों की फशलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रामगढ़ रेंज अंतर्गत बुल्लावाला, दूधली, शिमलास ग्रांट में जबकि लच्छीवाला रेंज अंतर्गत चांदमारी, सत्तिवाला, नकरौंदा में हाथियों द्वारा किसानों की फसलें रोंदे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। देर रात …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 23 फ़र, 2022
आए दिन जंगली हाथी पहुंचा रहे किसानों की फसलों को नुकसान

डोईवाला।

रामगढ़ व लच्छीवाला रेंज अंतर्गत जंगली हाथी आए दिन किसानों की फशलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रामगढ़ रेंज अंतर्गत बुल्लावाला, दूधली, शिमलास ग्रांट में जबकि लच्छीवाला रेंज अंतर्गत चांदमारी, सत्तिवाला, नकरौंदा में हाथियों द्वारा किसानों की फसलें रोंदे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। देर रात भी शिमलास ग्रांट में हाथियों द्वारा गन्ने वह बरसीन की फसल को रौंद डाला। जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है।
बता दें कि वन विभाग द्वारा जंगल किनारे लाखों की लागत से इलेक्ट्रॉनिक फेंसिंग वायर व कुछ जगहों पर सुरक्षा दीवार बनायी गई थी, पर उसके पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से आमजन व किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके लिए वन विभाग सवालों के घेरे में हैं। क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी खजाने का इस्तेमाल करने के बावजूद भी वन विभाग द्वारा इसका सही तरह से रख रखाव नहीं किया गया है। अगर वन विभाग द्वारा जंगल किनारे लगी उर्जा बाढ़ का सही तरह से मेंटेनेंस व देखरेख किया जाता तो जंगली जानवरों को आबादी की तरफ रुख करने से रोका जा सकता था। पर विभाग लाखों रुपये खर्च कर चैन की नींद सो गया। ओर इसका खामियाजा जंगल किनारे बसे ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि ग्रामीण व किसान जंगली जानवरों के डर से रात भर जागकर अपने खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।
इस पूरे मामले को लेकर किसान नेता उम्मेद बोरा ने कहा कि देर रात शिमलास ग्रांट में हाथियों द्वारा गन्ना, गेहूं की फशल के साथ बरसीन पशु चारा को रौंद दिया। साथ ही कहा कि किसान पहले से ही परेशान है, उसे सही से फशल की लागत भी नही मिल पा रही है, ओर जंगली जानवर आये दिन किसानों की फशलों को नुक़सान पहुंचा रहे हैं। जिसके लिए उन्होंने जंगल किनारे ऊर्जा बाढ़ व सुरक्षा दीवार बनाये जाने के साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाये जाने की मांग की है।

बाईट- उम्मेद बोरा- किसान

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