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देहरादून: सरकारी नौकरी के नाम पर 27 लाख की ठगी, डाक विभाग का फर्जी अफसर बनकर रुद्रप्रयाग के तीन युवाओं को लूटा.

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला राजधानी देहरादून का है, जहाँ ‘मिनिस्ट्री ऑफ कमीशन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट’ में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुद्रप्रयाग के तीन युवाओं से 27 लाख रुपये ठग लिए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 जन, 2026
देहरादून: सरकारी नौकरी के नाम पर 27 लाख की ठगी, डाक विभाग का फर्जी अफसर बनकर रुद्रप्रयाग के तीन युवाओं को लूटा.

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला राजधानी देहरादून का है, जहाँ ‘मिनिस्ट्री ऑफ कमीशन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट’ में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुद्रप्रयाग के तीन युवाओं से 27 लाख रुपये ठग लिए गए। शातिरों ने पीड़ितों को भरोसे में लेने के लिए फर्जी इंटरव्यू, फर्जी आईडी कार्ड और यहां तक कि फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमा दिए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एक महिला समेत तीन आरोपियों के खिलाफ पटेल नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है।

माँ के जानकार ने ही बिछाया जाल रुद्रप्रयाग निवासी पीड़ित अमित सिंह ने कोर्ट में दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी माँ के परिचित पवन सकलानी ने उन्हें इस जाल में फंसाया। पवन ने बताया कि गौरव कुमार, उसकी पत्नी अलका चौधरी और साथी अंकुर वर्मा (निवासी बंजारावाला, देहरादून) पैसे लेकर डाक विभाग में नौकरी लगवाते हैं।

भरोसा जीतने के लिए दावा किया गया कि ये लोग पहले भी कई लोगों की नौकरी लगवा चुके हैं। अमित ने अपने दो दोस्तों- ठाकुर सिंह और भूपेन्द्र (निवासी अगस्त्यमुनि) को भी इसके बारे में बताया। आरोपियों ने पहले प्रति व्यक्ति 12 लाख रुपये मांगे, लेकिन सौदा 9-9 लाख रुपये में तय हुआ। तीनों युवकों ने ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 27 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।

दिल्ली बुलाकर किया ‘फर्जी इंटरव्यू’ का नाटक ठगी को असली दिखाने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया:

  1. फर्जी ईमेल: पैसे लेने के 6 महीने बाद ‘इंडिया पोस्ट’ की फर्जी ईमेल आईडी से इंटरव्यू का मेल भेजा गया।

  2. दिल्ली में ड्रामा: पीड़ितों से 50-50 हजार का ड्राफ्ट बनवाया गया और उन्हें इंटरव्यू के बहाने डाक भवन, पटेल चौक (दिल्ली) बुलाया गया।

  3. फर्जी दस्तावेज: वहां उन्हें भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट के फर्जी जॉइनिंग ऑर्डर, असिस्टेंट डायरेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र, फर्जी आईडी कार्ड और मोहर लगे दस्तावेज सौंप दिए गए।

आरोपी यहीं नहीं रुके, वे समय-समय पर ट्रांसफर और सिस्टम आईडी जनरेट होने के फर्जी लेटर भेजकर युवाओं को गुमराह करते रहे।

कोर्ट की चौखट पर मिला न्याय जब लंबे समय तक नौकरी ज्वॉइन नहीं हो पाई, तो पीड़ितों ने दस्तावेजों की जांच की। जांच में आईडी कार्ड से लेकर जॉइनिंग लेटर तक सब फर्जी निकला। जब उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाने लगी।

हैरानी की बात यह है कि पीड़ितों ने 27 अप्रैल 2025 को जिलाधिकारी देहरादून और एसएसपी टिहरी से शिकायत की थी, लेकिन तब मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। हारकर पीड़ितों ने कोर्ट की शरण ली।

पुलिस का बयान पटेल नगर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी गौरव कुमार, अलका चौधरी और अंकुर वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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