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देहरादून: जलभराव से निपटने के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम

देहरादून: ऋषिकेश और डोईवाला के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पहली बार 30 लाख रुपये की लागत से 17 हाई प्रेशर डी-वाटरिंग पंप खरीदे हैं। इन पंपों को नगर निगम, जल संस्थान, जल निगम, स्मार्ट सिटी और क्यूआरटी जैसी सात एजेंसियों को …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 28 जुल, 2025
देहरादून: जलभराव से निपटने के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम

देहरादून: ऋषिकेश और डोईवाला के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पहली बार 30 लाख रुपये की लागत से 17 हाई प्रेशर डी-वाटरिंग पंप खरीदे हैं। इन पंपों को नगर निगम, जल संस्थान, जल निगम, स्मार्ट सिटी और क्यूआरटी जैसी सात एजेंसियों को सौंपा गया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने निर्देश दिए हैं कि इन पंपों को संवेदनशील चौराहों और जंक्शनों पर तैनात कर अतिवृष्टि के दौरान त्वरित जल निकासी सुनिश्चित की जाए।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से इन पंपों का वितरण किया गया, जिसमें नगर निगम ऋषिकेश को चार, डोईवाला को दो, तहसील ऋषिकेश को एक और देहरादून में विभिन्न एजेंसियों को दस पंप दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के कारण आमजन, खासतौर पर बच्चों और महिलाओं को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। मैनपावर और संसाधनों की कमी के चलते त्वरित रिस्पांस में समस्या आती थी, जिसे दूर करने के लिए डी-वाटरिंग पंप खरीदे गए हैं।

 

जिलाधिकारी ने बताया कि जलभराव वाले स्थलों पर मैनपावर और मशीनरी की तैनाती की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र को 12 हिस्सों में विभाजित कर तीन क्यूआरटी बनाई गई हैं, जिनके नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरी और एसडीएम कुमकुम जोशी होंगे। मानसून अवधि में जल निकासी में कोई व्यवधान मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने आईएसबीटी क्षेत्र में स्थायी जल निकासी समाधान के बाद अब पूरे शहरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है। डी-वाटरिंग पंपों के मिलने से क्यूआरटी का रिस्पांस टाइम और तेज होगा, जिससे आमजन को जलभराव से शीघ्र राहत मिल सकेगी।

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