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Dehradun:ममता रावत सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन नामित.

देहरादून। महिला दिवस से पहले उत्तराखंड की एक महिला एंटरप्रेन्योर ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। डिफेंस टेक्नोलॉजी में स्टार्टअप शुरू करने वाली उत्तराखंड बेस्ड महिला एंटरप्रेन्योर ममता रावत को सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के देहरादून चैप्टर की चेयरपर्सन नामित किया गया हैं। ज्योमा सॉल्यूशंस की प्रबंध …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 06 मा, 2026
Dehradun:ममता रावत सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन नामित.

देहरादून।
महिला दिवस से पहले उत्तराखंड की एक महिला एंटरप्रेन्योर ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। डिफेंस टेक्नोलॉजी में स्टार्टअप शुरू करने वाली उत्तराखंड बेस्ड महिला एंटरप्रेन्योर ममता रावत को सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के देहरादून चैप्टर की चेयरपर्सन नामित किया गया हैं। ज्योमा सॉल्यूशंस की प्रबंध निदेशक ममता रावत को एसआईडीएम के उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन के रूप में नामित किया जाना राज्य के तेजी से विकसित हो रहे रक्षा विनिर्माण (डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और यह भारत के सामरिक तकनीकी क्षेत्र में महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।

महिला दिवस से पहले उत्तराखंड की महिला ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में हासिल की बड़ी उपलब्धि

इसकी जानकारी देते हुए एसआईडीएम के डायरेक्टर जनरल रमेश के ने बताया कि ममता रावत के नेतृत्व में ज्योमा सॉल्यूशंस उत्तराखंड से उभरती हुई एक इनोवेटिव रक्षा तकनीक कंपनी के रूप में स्थापित हुई है। कंपनी ने स्वदेशी तकनीकों के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसमें गायरो स्टेबिलाइजेशन टेक्नोलॉजी, मिलिट्री-ग्रेड पीसीबी और टी-90 टैंक तथा बोफोर्स इंजन कंट्रोल यूनिट जैसे रक्षा प्लेटफॉर्म के लिए महत्वपूर्ण सब-सिस्टम शामिल हैं। ज्योमा सॉल्यूशंस को स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज अवार्ड और वूमनप्रेन्योर अवार्ड्स 2025 सहित कई सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। एसआईडीएम उत्तराखंड की चेयरपर्सन के रूप में नामित हई ममता रावत ने अपने लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी, उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षण संस्थानों और सरकारी संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाए। उनका विशेष ध्यान स्वदेशी रक्षा तकनीकों को बढ़ावा देने, एमएसएमई को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा औद्योगिक अवसरों का लाभ उठाने पर रहेगा। वहीं माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से उत्तराखंड में रक्षा स्टार्टअप्स और उन्नत विनिर्माण गतिविधियों को नई गति मिल सकेगी।

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