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देहरादून: सड़क हादसों की अब होगी ‘वैज्ञानिक जांच’; मंत्री सुबोध उनियाल आज करेंगे ‘क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ कार्यशाला का उद्घाटन.

देहरादून (7 फरवरी 2026): सड़क दुर्घटनाओं के सही कारणों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए परिवहन विभाग अब वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करेगा। इसी कड़ी में आज (शनिवार) ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026’ के अंतर्गत देहरादून में एक महत्वपूर्ण ‘वाहन दुर्घटना क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ (Vehicle Accident Crash Investigation) प्रशिक्षण कार्यक्रम …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 07 फ़र, 2026
देहरादून: सड़क हादसों की अब होगी ‘वैज्ञानिक जांच’; मंत्री सुबोध उनियाल आज करेंगे ‘क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ कार्यशाला का उद्घाटन.

देहरादून (7 फरवरी 2026): सड़क दुर्घटनाओं के सही कारणों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए परिवहन विभाग अब वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करेगा। इसी कड़ी में आज (शनिवार) ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026’ के अंतर्गत देहरादून में एक महत्वपूर्ण ‘वाहन दुर्घटना क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ (Vehicle Accident Crash Investigation) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

देहरादून: सड़क हादसों की अब होगी ‘वैज्ञानिक जांच’; मंत्री सुबोध उनियाल आज करेंगे ‘क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ कार्यशाला का उद्घाटन

स्थान और समय यह कार्यक्रम सर्वे चौक स्थित आईआरडीई (IRDE) के तीलू रोतेली ऑडिटोरियम में आयोजित होगा।

  • प्रथम सत्र: प्रातः 11:45 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक।

  • द्वितीय सत्र: दोपहर 02:00 बजे से 03:30 बजे तक।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल होंगे मुख्य अतिथि संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री  सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून के जिलाधिकारी करेंगे। इसके अलावा अपर परिवहन आयुक्त और संयुक्त परिवहन आयुक्त भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

क्यों खास है यह ट्रेनिंग? अक्सर सड़क हादसों की जांच सतही होती है, लेकिन इस वर्कशॉप का उद्देश्य दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण (Scientific Analysis) करना है।

  1. हादसे का वास्तविक कारण क्या था? (सड़क की कमी, वाहन में खराबी या मानवीय भूल)।

  2. भविष्य में वैसी दुर्घटनाओं को कैसे रोका जाए?

  3. इसके लिए पुलिस, परिवहन, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग मिलकर तकनीकी रणनीति तैयार करेंगे।

इस महामंथन में एमडीडीए (MDDA), नगर निगम और सड़क सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियां भी हिस्सा लेंगी।

 

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