Menu
#News

देहरादून :भारी बारिश के बीच तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर बीकेटीसी की विशेष व्यवस्था

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और आपदा की स्थिति को देखते हुए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारी बारिश और आपदा से सड़क मार्ग …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 06 अग, 2025
देहरादून :भारी बारिश के बीच तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर बीकेटीसी की विशेष व्यवस्था

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और आपदा की स्थिति को देखते हुए  बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारी बारिश और आपदा से सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तीर्थयात्रियों को बीकेटीसी विश्राम गृहों में निःशुल्क आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी।

धराली (उत्तरकाशी) में अति वृष्टि आपदा तथा  बदरीनाथ और  केदारनाथ में बारिश से लगातार सड़क मार्ग के अवरुद्ध होने के कारण तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार  बदरीनाथ तथा  केदारनाथ यात्रा मार्ग में निरंतर हो रही बारिश को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।

बीकेटीसी प्रशासन ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने कार्यस्थल पर कार्यरत रहें और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कार्यस्थल न छोड़ें। आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बीकेटीसी कर्मचारी तीर्थयात्रियों की यथासंभव मदद करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत सक्षम अधिकारी को दें।

हेमंत द्विवेदी ने अपने निर्देशों में कहा कि आपदा की स्थिति में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सहायता सबसे पहली प्राथमिकता है। इसके लिए बीकेटीसी के सभी विश्राम गृहों में आपातकालीन व्यवस्था की गई है ताकि मुसीबत में फंसे श्रद्धालुओं को तत्काल आश्रय मिल सके।

यह पहल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए एक सराहनीय कदम है, विशेषकर उस समय जब पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की मार से यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। बीकेटीसी का यह निर्णय न केवल तीर्थयात्रियों की तत्काल जरूरतों को पूरा रता है बल्कि आपदा प्रबंधन की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

Tagged:
Share This Article