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देहरादून: देव भूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में ‘भारत बोध IKS परीक्षा-2026’ का सफल आयोजन; 2100 से अधिक छात्रों ने दिखाई भारतीय ज्ञान परंपरा में रुचि

देहरादून (31 जनवरी 2026): देव भूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय (DBUU) ने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ते हुए ‘भारत बोध IKS (बौद्धिक भारतीय ज्ञान प्रणाली) राष्ट्रीय परीक्षा-2026’ का सफल आयोजन किया। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की ऑफलाइन परीक्षा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 31 जन, 2026
देहरादून: देव भूमि उत्तराखंड यूनिवर्सिटी में ‘भारत बोध IKS परीक्षा-2026’ का सफल आयोजन; 2100 से अधिक छात्रों ने दिखाई भारतीय ज्ञान परंपरा में रुचि

देहरादून (31 जनवरी 2026): देव भूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय (DBUU) ने अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ते हुए ‘भारत बोध IKS (बौद्धिक भारतीय ज्ञान प्रणाली) राष्ट्रीय परीक्षा-2026’ का सफल आयोजन किया। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की ऑफलाइन परीक्षा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और अन्य प्रमुख संस्थानों के सहयोग से आयोजित की गई थी।

NEP-2020 और भारतीय ज्ञान परंपरा को मजबूती यह परीक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems – IKS) को शामिल करना है। डीबीयूयू के उपाध्यक्ष श्री अमन बंसल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “यह परीक्षा हमारी युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत से पुनः जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है। हमारा मानना है कि सच्ची शिक्षा वही है, जो वैश्विक दक्षताओं के साथ-साथ स्वदेशी ज्ञान का संतुलन बनाए।”

छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह परीक्षा को लेकर छात्रों में भारी उत्साह देखने को मिला।

  • पंजीकरण: विश्वविद्यालय से कुल 2395 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया।

  • उपस्थिति: लगभग 2145 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जो भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रति बढ़ती अकादमिक रुचि को दर्शाता है।

अनुशासित और पारदर्शी आयोजन विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और प्रशासनिक कर्मचारियों के सहयोग से परीक्षा पूर्णतः अनुशासित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। श्री बंसल ने कहा कि डीबीयूयू मूल्य-आधारित शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह आयोजन भारत की शाश्वत ज्ञान परंपराओं को आधुनिक शिक्षा ढांचे से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना।

 

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