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वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग तेज,

रामनगर: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को रामनगर में पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। इस पदयात्रा में सैकड़ों वन ग्रामों के लोग शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। गुरुवार को सुंदरखाल, पुछड़ी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 12 मा, 2026
वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग तेज,

रामनगर: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को रामनगर में पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। इस पदयात्रा में सैकड़ों वन ग्रामों के लोग शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

गुरुवार को सुंदरखाल, पुछड़ी सहित आसपास के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग रामनगर महाविद्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी और उपज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में पदयात्रा शुरू हुई।

पदयात्रा के दौरान हरीश रावत बाजार क्षेत्र से होकर गुजरे और रास्ते में कई पुराने परिचितों से मुलाकात भी की। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को भी सुना।

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि सरकार बिल्डरों को जमीन देने में लगी है, जबकि वर्षों से वन क्षेत्रों में रह रहे लोगों को अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन ग्रामों में रहने वाले लोगों को राजस्व गांव का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि उन्हें बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों का लाभ मिल सके।

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