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धराली आपदा: अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग, मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव ने किया अस्पतालों का निरीक्षण

उत्तरकाशी : धराली क्षेत्र में हाल ही में बादल फटने से उत्पन्न आपदा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। ग्राउंड जीरो पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंच चुकी हैं और घायलों का मौके पर ही उपचार शुरू कर दिया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 06 अग, 2025
धराली आपदा: अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग, मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव ने किया अस्पतालों का निरीक्षण

उत्तरकाशी : धराली क्षेत्र में हाल ही में बादल फटने से उत्पन्न आपदा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। ग्राउंड जीरो पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंच चुकी हैं और घायलों का मौके पर ही उपचार शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा की इस चुनौती के बीच विभाग ने त्वरित और ठोस कदम उठाए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं और मानसिक स्वास्थ्य के पहलू पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज व कोरोनेशन जिला अस्पताल का निरीक्षण कर आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू, जनरल वार्ड, स्टाफ की उपस्थिति और उपकरणों की उपलब्धता की गहन समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को चिकित्सा सुविधा में कोई कमी न हो।

देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरोनेशन जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में आपदा प्रभावित घायलों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। दून मेडिकल कॉलेज में 150 जनरल व 50 आईसीयू बेड, कोरोनेशन जिला अस्पताल में 80 जनरल व 20 आईसीयू बेड और एम्स ऋषिकेश में 50 जनरल व 20 आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं। इन अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल टीम, दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

आपदा प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए धराली क्षेत्र में तीन मनोचिकित्सकों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो राहत शिविरों में जाकर काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करेगी। प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें सतर्क मोड में हैं, जबकि 108 एंबुलेंस सेवा को 24×7 एक्टिव रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा सके।

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