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काठमांडू में कूटनीतिक हलचल: “विश्वास और साझा समृद्धि” पर नेपाल का फोकस.

काठमांडू: नेपाल की नई सरकार ने अपनी विदेश नीति को लेकर स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि नेपाल अपने पड़ोसी देशों, मित्र राष्ट्रों और विकास साझेदारों के साथ “विश्वास, आपसी सम्मान और साझा समृद्धि” के आधार पर संबंधों को और मजबूत करने के लिए …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 09 अप्र, 2026
काठमांडू में कूटनीतिक हलचल: “विश्वास और साझा समृद्धि” पर नेपाल का फोकस.

काठमांडू: नेपाल की नई सरकार ने अपनी विदेश नीति को लेकर स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि नेपाल अपने पड़ोसी देशों, मित्र राष्ट्रों और विकास साझेदारों के साथ “विश्वास, आपसी सम्मान और साझा समृद्धि” के आधार पर संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान उन्होंने बुधवार को विभिन्न देशों के राजदूतों और कूटनीतिक मिशनों के प्रमुखों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में दिया।

काठमांडू में कूटनीतिक हलचल: “विश्वास और साझा समृद्धि” पर नेपाल का फोकस

परंपरा से हटकर सामूहिक बैठक

प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब शाह ने अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों की परंपरा को तोड़ते हुए एक साथ 17 देशों के राजदूतों और मिशन प्रमुखों से मुलाकात की। यह संयुक्त शिष्टाचार बैठक प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सिंहदरबार’ में आयोजित की गई।

इस बैठक में भारत, पाकिस्तान, चीन, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, बांग्लादेश, श्रीलंका, मिस्र, स्विट्जरलैंड, इज़राइल और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी राजनयिकों ने अपने-अपने देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की ओर से प्रधानमंत्री शाह को शुभकामनाएं और संदेश दिए।

नई सरकार को मिला वैश्विक समर्थन

नेपाल के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधियों ने नई सरकार के प्रति अपना समर्थन और सहयोग जताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे नेपाल के विकास और जनता के हित में मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब नेपाल सरकार ने अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों को देश की विदेश नीति और कूटनीतिक आचार संहिता के बारे में जानकारी दी। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर एक संगठित और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाना चाहती है।

संतुलित विदेश नीति पर जोर

प्रधानमंत्री शाह ने नेपाल की “संतुलित और व्यावहारिक” विदेश नीति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय सभी देशों के साथ समानता और सम्मान के आधार पर संबंध बनाए रखना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल का यह कदम क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर संतुलन बनाने की दिशा में अहम हो सकता है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं।

आगे की दिशा

नई सरकार का यह कूटनीतिक कदम संकेत देता है कि नेपाल आने वाले समय में वैश्विक साझेदारियों को और मजबूत करेगा। “विश्वास और साझा समृद्धि” की नीति के साथ नेपाल न केवल अपने पड़ोसियों के साथ बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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