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उत्तराखंड: बेटे की चोरी से परेशान पिता बना कातिल, 14 साल के अंकित की बेरहमी से हत्या

हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक पिता ने अपने ही 14 साल के बेटे की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह बार-बार घर से पैसे चुरा रहा था। यह मामला न केवल परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले को हैरान कर गया …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 17 अप्र, 2025
उत्तराखंड: बेटे की चोरी से परेशान पिता बना कातिल, 14 साल के अंकित की बेरहमी से हत्या

हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक पिता ने अपने ही 14 साल के बेटे की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह बार-बार घर से पैसे चुरा रहा था। यह मामला न केवल परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले को हैरान कर गया है।

घटना के अनुसार, आरोपी देवदत्त अपने परिवार के साथ आजादनगर में रह रहा था और सिडकुल की एक फैक्टरी में काम करता था। उसका बड़ा बेटा अंकित छठी कक्षा में पढ़ता था और पिछले दो सालों से चोरी की आदत में पड़ गया था। हाल ही में उसने घर से 10 हजार रुपये चुरा लिए, जिससे घर में फिर से झगड़ा हुआ।

देवदत्त का कहना है कि वह बेटे को कई बार समझा चुका था, लेकिन वह नहीं सुधर रहा था। ओवरटाइम करके कमाए पैसों की बार-बार चोरी होने से वह इतना परेशान हो गया कि उसने बेटे को मारने की योजना बना डाली।

मंगलवार को देवदत्त अंकित को साइकिल पर बैठाकर एक सुनसान जगह ले गया, जहां उसने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि अंकित की आंखों पर भी चोट के निशान थे, जिससे उसकी मौत की क्रूरता साफ दिखती है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि देवदत्त ने बेटे की जेब में एक कागज रखा था, जिस पर लिखा था “गुरुकुल स्कूल के पास रहता है नव भाई अभिषेक” ताकि शव की पहचान हो सके। पुलिस ने इस कागज की लिखावट की तुलना देवदत्त के आवेदन पत्र से की और दोनों की हैंडराइटिंग एक जैसी पाई गई।

इसके अलावा, हत्या के बाद देवदत्त ने फैक्टरी से अपने सहकर्मी के फोन से भतीजे अभिषेक को कॉल कर अंकित के बेहोश होने की झूठी सूचना दी थी। पुलिस को इस कॉल के डिटेल और सीसीटीवी फुटेज से भी अहम सुराग मिले, जिसमें देवदत्त साइकिल से अंकित को ले जाता दिखा।

पूछताछ में आखिरकार देवदत्त ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि आरोपी बार-बार बयान बदल रहा था और उसके चेहरे पर कोई पछतावा भी नहीं दिखा।

इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। लोग कह रहे हैं कि बेटे को समझाने या सजा देने के और तरीके हो सकते थे, लेकिन अपने ही बेटे की हत्या कर देना अमानवीय और हैरान करने वाला कदम है।

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