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मानवता की मिसाल बने डीएम सविन बंसल, असहाय, अनाथ राजू को दिया जीवन का सहारा

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए समाज के सबसे कमजोर वर्ग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया। चमोली जनपद के पांडुकेश्वर से आया एक असहाय, अनाथ युवक राजू, गर्म पानी से झुलसे अपने हाथ की असहनीय पीड़ा में छटपटाता …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 15 जुल, 2025
मानवता की मिसाल बने डीएम सविन बंसल, असहाय, अनाथ राजू को दिया जीवन का सहारा

देहरादून:  जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए समाज के सबसे कमजोर वर्ग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध किया। चमोली जनपद के पांडुकेश्वर से आया एक असहाय, अनाथ युवक राजू, गर्म पानी से झुलसे अपने हाथ की असहनीय पीड़ा में छटपटाता हुआ डीएम कार्यालय पहुंचा। राजू ने रुंधे गले से अपनी व्यथा सुनाई—उसका हाथ बुरी तरह जल चुका था, सर्जरी जरूरी थी, लेकिन न पैसा था, न सहारा।

राजू की करुण पुकार सुनकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने न केवल उसे पास बैठाया, बल्कि तत्काल उसकी व्यथा को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकीय परामर्श किया। दून अस्पताल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजू को हायर सेंटर रेफर किया। जिलाधिकारी ने बिना देरी किए सहस्रधारा आईटी पार्क स्थित एक निजी अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉ. कुश से वार्ता कर राजू को प्रशासनिक सारथी वाहन से अस्पताल भिजवाया। अब वहां राजू का मुफ्त और समुचित इलाज हो रहा है।

राजू ने बताया कि वह एक होटल में मजदूरी करता था, जहां यह दुर्घटना हुई। इलाज के लिए दर-दर भटका, लेकिन कहीं भी मदद नहीं मिली। अंतिम उम्मीद लेकर जब वह देहरादून डीएम कार्यालय पहुंचा, तो जिलाधिकारी सविन बंसल ने न केवल उसकी पीड़ा को समझा, बल्कि उसे राहत भी दी।

डीएम सविन बंसल के इस मानवीय हस्तक्षेप से यह प्रमाणित होता है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी यदि संवेदनशील हों तो वे समाज के कमजोर वर्गों के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं।

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