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श्रीनगर बेस अस्पताल में ‘भगवान’ बने डॉक्टर: 23 साल की युवती की आपस में उलझ गई थी आंत, 3 घंटे चले जटिल ऑपरेशन से बचाई जान.

श्रीनगर/पौड़ी (5 फरवरी 2026): श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें धरती का भगवान क्यों कहा जाता है । अस्पताल की मेडिकल टीम ने पौड़ी की रहने वाली 23 वर्षीय युवती का जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है । …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 05 फ़र, 2026
श्रीनगर बेस अस्पताल में ‘भगवान’ बने डॉक्टर: 23 साल की युवती की आपस में उलझ गई थी आंत, 3 घंटे चले जटिल ऑपरेशन से बचाई जान.

श्रीनगर/पौड़ी (5 फरवरी 2026): श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उन्हें धरती का भगवान क्यों कहा जाता है अस्पताल की मेडिकल टीम ने पौड़ी की रहने वाली 23 वर्षीय युवती का जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है युवती ‘इंटससेप्शन’ (Intussusception) नामक एक खतरनाक बीमारी से जूझ रही थी, जिसमें उसकी छोटी आंत आपस में उलझ गई थी

श्रीनगर बेस अस्पताल में ‘भगवान’ बने डॉक्टर: 23 साल की युवती की आपस में उलझ गई थी आंत, 3 घंटे चले जटिल ऑपरेशन से बचाई जान

पेट में असहनीय दर्द लेकर पहुंची थी अस्पताल पौड़ी निवासी यह युवती पिछले दो दिनों से पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टी की समस्या से परेशान थी 31 जनवरी को परिजन उसे गंभीर हालत में श्रीनगर बेस अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे डॉक्टरों ने तत्काल सीटी स्कैन कराया, जिसमें पता चला कि मरीज की छोटी आंत का एक हिस्सा दूसरे हिस्से के अंदर चला गया है (उलझ गया है), जिससे आंतों में रक्त का प्रवाह रुक गया था

3 घंटे चला ऑपरेशन, डॉक्टरों ने नहीं मानी हार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रावत और डॉ. धनंजय डोभाल के मार्गदर्शन में ऑपरेशन का फैसला लिया गया सर्जरी टीम: ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. विवेक यादव (सीनियर रेजिडेंट) के साथ डॉ. रश्मि और डॉ. योगेंद्र बिष्ट ने करीब 3 घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया ,डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज की हालत में अब सुधार हो रहा है

क्या है इंटससेप्शन? सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश रावत ने बताया कि ‘तीव्र इंटससेप्शन’ में आंत का एक हिस्सा दूसरे में धंस जाता है यह बीमारी बच्चों में आम है लेकिन वयस्कों में दुर्लभ होती है और इसका कारण अक्सर कोई गांठ या ट्यूमर होता है अगर इलाज में देरी होती, तो आंत खराब हो सकती थी और जान को खतरा हो सकता था डॉक्टर की सलाह: डॉ. रावत ने सलाह दी है कि बार-बार पेट दर्द या उल्टी होने पर नजरअंदाज न करें, बल्कि समय रहते कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन कराएं, जिसकी सुविधा बेस अस्पताल में उपलब्ध है । बता दें कि हाल ही में डॉ. विवेक यादव ने एक 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला की आंतों की टीबी का भी सफल ऑपरेशन किया था

 

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