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‘सेना की गतिविधियों का लाइव प्रसारण न करें’ — केंद्र सरकार ने मीडिया को दी सख्त सलाह

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने मीडिया संस्थानों को एक अहम सलाह जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को सभी मीडिया चैनलों, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 26 अप्र, 2025
‘सेना की गतिविधियों का लाइव प्रसारण न करें’ — केंद्र सरकार ने मीडिया को दी सख्त सलाह

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने मीडिया संस्थानों को एक अहम सलाह जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को सभी मीडिया चैनलों, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण न करें। मंत्रालय ने चेताया कि ऐसी रिपोर्टिंग अनजाने में दुश्मनों को मदद पहुंचा सकती है, जिससे न केवल ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं, बल्कि सुरक्षा बलों की जान को भी खतरा हो सकता है।

पहलगाम हमले के बाद उठाया गया कदम
यह सलाह ऐसे समय पर आई है जब हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए एक बड़े आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इस हमले ने एक बार फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। सरकार का मानना है कि संवेदनशील अभियानों के दौरान लाइव कवरेज से आतंकवादी संगठनों को सुरक्षा बलों की तैनाती और मूवमेंट की जानकारी मिल सकती है, जिससे उनके ऑपरेशनों की सफलता और जवानों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदारीपूर्ण रिपोर्टिंग की अपील
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सलाह में स्पष्ट किया गया है कि मीडिया को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। मंत्रालय ने सभी समाचार संस्थानों से अनुरोध किया कि वे मौजूदा कानूनों और प्रसारण नियमों का सख्ती से पालन करें और किसी भी तरह से सुरक्षा अभियानों की लाइव तस्वीरें, वीडियो, या ‘सूत्रों’ के हवाले से कोई संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक न करें।

इतिहास से सबक लेने की बात
सरकार ने अपने परामर्श में 1999 के कारगिल युद्ध, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और कंधार विमान अपहरण जैसे मामलों का भी उल्लेख किया। मंत्रालय ने कहा कि इन घटनाओं के दौरान कुछ मीडिया कवरेज ने देश के रणनीतिक हितों को नुकसान पहुँचाया था। ऐसे उदाहरणों से सबक लेते हुए सरकार ने मीडिया को आगाह किया है कि वह भविष्य में किसी भी प्रकार की संवेदनशील रिपोर्टिंग से बचें, ताकि देश की सुरक्षा और जवानों की जान की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी चेतावनी
सरकार ने केवल पारंपरिक मीडिया ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को भी जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने को कहा है। मंत्रालय ने विशेष तौर पर ध्यान दिलाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी रक्षा अभियानों या जवानों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारी साझा करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है।
सरकार का संदेश साफ है — राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, और इस दिशा में सभी नागरिकों, खासतौर पर मीडिया, की जिम्मेदारी है कि वे संवेदनशील परिस्थितियों में सूझबूझ और संयम का परिचय दें।

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