Menu
#अंतराष्ट्रीय

उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ा खतरा भूकंप, आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक का होगा उपयोग:

इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। सिर्फ ‘प्रोएक्टिव अप्रोच’ से ही आपदाओं के प्रकोप को न्यूनतम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आपदाओं के साथ-साथ भूकम्प हमारे प्रदेश के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 22 मा, 2023
उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ा खतरा भूकंप, आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक का होगा उपयोग:

इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्य आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं।

सिर्फ ‘प्रोएक्टिव अप्रोच’ से ही आपदाओं के प्रकोप को न्यूनतम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आपदाओं के साथ-साथ भूकम्प हमारे प्रदेश के लिए बहुत बड़ा खतरा है .

इस तरह की आपदाओं से पूर्व चेतावनी के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि हमारा आपदा प्रबन्धन विभाग अपने अनुभवों एवं सम्बन्धित संस्थाओं के सहयोग से एक ऐसी प्रणाली विकसित करने में सफल होगा

जिससे हम आने वाले समय में अपने राज्य के साथ ही अन्य राज्यों की भी आपदाओं के दौरान मदद करने में सफल हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भूकम्प के अलावा ज्यादातर आपदायें बरसात के मौसम में ही घटित होती रही हैं, परन्तु पिछले कुछ वर्षों में आपदाएं हर मौसम में आ रही हैं।

इसको देखते हुये राज्य को आपदाओं का सामना करने के लिये विशेष तैयारी की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में जो भी निष्कर्ष उभरकर सामने आएंगे, वे केवल थ्योरी के लेवल पर ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल लेवल पर भी आत्मसात किए जाने योग्य होंगे, और हिमालयी राज्यों में आने वाली प्राकृतिक आपदा के समय आसानी से धरातल पर उतारे जा सकेंगे।

उन्होंने आशा व्यक्त की, कि इस कार्यशाला से जो भी निष्कर्ष निकलेंगे वे हमारे राज्य के लिए ही नहीं बल्कि अन्य हिमालयी राज्यों के लिए भी लाभप्रद होंगे।

 

Tagged:
Share This Article