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“रजिस्ट्री फर्जीवाड़ों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आयोजित की त्वरित जांच”

देहरादून: रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में एक बड़ा स्कैंडल आया सामने, इसके चलते सब रजिस्ट्रार आफिस में हैड रजिस्ट्री के सभी मामलों की त्वरित जांच की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने एसआइटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से इस मामले में दर्ज सभी सात मुकदमों का विवरण मांगा है, और जल्द ही कड़ी …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 04 सित, 2023
“रजिस्ट्री फर्जीवाड़ों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आयोजित की त्वरित जांच”

देहरादून: रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में एक बड़ा स्कैंडल आया सामने, इसके चलते सब रजिस्ट्रार आफिस में हैड रजिस्ट्री के सभी मामलों की त्वरित जांच की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय ने एसआइटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से इस मामले में दर्ज सभी सात मुकदमों का विवरण मांगा है, और जल्द ही कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावना है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला 1,000 करोड़ रुपये से भी ऊपर का हो सकता है, और मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका है।

प्रवर्तन निदेशालय अब तक के विवादित लेन-देन की जांच कर रहा है, और इस मामले में अधिवक्ता कमल विरमानी समेत नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

फर्जी दस्तावेजों का खुलासा

जांच में सामने आया कि एक गिरोह ने रजिस्ट्रार कार्यालय में रखी जिल्दों में छेड़छाड़ कर बैनामों में फर्जीवाड़ा किया था। शुरुआत में चार जमीनों से संबंधित दस्तावेज में पाई गई गड़बड़ी थी, लेकिन बाद में जब जांच हुई तो 50 से अधिक बैनामों में इस तरह का फर्जीवाड़ा पाया गया।

प्रवर्तन निदेशालय ने पुलिस को अब तक दर्ज हुए सातों मुकदमों का ब्योरा मांगा है।

इस मामले में सक्रिय जांच के बावजूद, इसके परिणामस्वरूप किसी बड़े लोगों के साथ जुड़े होने की आशंका है।

स्थानीय प्रशासन ने दिए निर्देश 

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी सोनिका के निर्देश पर 15 जुलाई को शहर कोतवाली में इस मामले से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया था।

स्थानीय प्रशासन भी इस मामले की गहराईयों में जांच कर रहा है।

मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के बारे में भी सख्ती से जांच की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार के अवैध कार्यों को रोका जा सके।

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