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इटावा: भगवताचार्य को ब्राह्मण न होने पर पीटा, चोटी काटी और अपमानित किया

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जातिगत भेदभाव की एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां भगवताचार्य मुकट मणी (मुक्त सिंह) और उनके दो सहयोगियों को ब्राह्मण न होने के कारण गंभीर अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ा। महेवा के दांदरपुर गांव में शनिवार रात श्रीमद्भागवत कथा के …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 24 जून, 2025
इटावा: भगवताचार्य को ब्राह्मण न होने पर पीटा, चोटी काटी और अपमानित किया

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जातिगत भेदभाव की एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां भगवताचार्य मुकट मणी (मुक्त सिंह) और उनके दो सहयोगियों को ब्राह्मण न होने के कारण गंभीर अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ा। महेवा के दांदरपुर गांव में शनिवार रात श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जब ग्रामीणों को पता चला कि कथावाचक ब्राह्मण नहीं है, तो उन्होंने तीनों को लगभग पांच घंटे तक बंधक बनाकर रखा और अमानवीय व्यवहार किया।

घटना के दौरान ग्रामीणों ने भगवताचार्य का सिर मुंडवाकर चोटी काट दी, उनकी नाक रगड़वाई और गांव के लोगों के पैर छुआकर माफी मंगवाई। इसके अलावा उनकी बाइक की हवा निकालकर दोबारा पंप से भरवाई गई। पीड़ितों के साथ आए संत सिंह  यादव (कानपुर देहात निवासी) और श्याम सिंह कठेरिया (अछल्दा निवासी) के भी सिर मुंडवाए गए। मुकट मणी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनसे 25 हजार रुपये, एक चेन और अंगूठी भी लूट ली।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद व्यापक आक्रोश फैला है। सपा सांसद जितेंद्र दोहरे, भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम और सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य के साथ पीड़ित सोमवार को एसएसपी से मिले। पुलिस ने अतुल डीलर, पप्पू बाबा और 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और निक्की अवस्थी (30), उत्तम अवस्थी (18), आशीष तिवारी (21) और प्रथम दुबे उर्फ मनु दुबे (24) को गिरफ्तार किया है।

मामले में एक विवादास्पद पहलू यह भी है कि भगवताचार्य के पास दो अलग-अलग आधार कार्ड मिले हैं – एक में मुकट मणी अग्निहोत्री और दूसरे में मुक्त सिंह का नाम है। पुलिस जांच में उनका असली पता सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के जवाहरपुर का निकला है। ग्रामीणों का कहना है कि कथावाचक लगातार अपनी पहचान के बारे में भ्रमित करता रहा और खुद को ब्राह्मण बताता था, लेकिन उसी गांव के एक व्यक्ति ने उसे यादव बताया था।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया कि संविधान जातिगत भेदभाव की अनुमति नहीं देता है और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का आह्वान किया जाएगा। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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